आज सैनिक परेड कहां हुआ और उसमें राष्ट्रपति ने क्या कहा ?
आज ईरान की सशस्त्र सेना ने इस्लामी व्यवस्था के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी रह. के मज़ार के समीप सैन्य परेड किया।
इस अवसर पर सशस्त्र सेना के वरिष्ठ कमांडर और गणमान्य हस्तियां मौजूद थीं। सैन्य परेड समारोह में राष्ट्रपति सैयद मोहम्मद इब्राहीम रईसी ने भाषण देते हुए कहा कि वह किसी भी आतंकवादी गुट को देश की सीमा के पास रहने की अनुमति नहीं देंगे। राष्ट्रपति ने अपने भाषण में कहा कि आज वह दिन है जब फत्ताह मीसाइल और मोहाजिर 10 ड्रोन का अनावरण किया जायेगा और ईरान अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का सदस्य बन जायेगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि 1359 हिजरी शमसी अर्थात 1980 ईरानी राष्ट्र की शूर वीरता, त्याग, बलिदान और दुश्मनों के मुकाबले में प्रतिरोध की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि पवित्र प्रतिरक्षा में बहुत से पाठ नीहित हैं, पवित्र प्रतिरक्षा महान ईश्वर के लिए काम करने की निष्ठा का प्रतिबिंबन था। राष्ट्रपति ने कहा कि जिन सैनिकों ने अपनी मातृभूमि की रक्षा की, हमने उनके अंदर महान ईश्वर पर आस्था को देखा, हमारी पवित्र प्रतिरक्षा लोगों पर भरोसा करने की झलक थी, हमारे सशस्त्र सैनिक लोगों में से हैं और लोग भी सशस्त्र सेना से प्रेम करते हैं चूंकि वे इस बात का आभास करते हैं कि समस्त कठिनाइयों में हमारे सशस्त्र सैनिक हमारे साथ हैं।
इसी प्रकार राष्ट्रपति ने कहा कि जहां भी ज़रूरी होता था लोग सशस्त्र सैनिकों के साथ रहे हैं और स्वयं को लोगों में से समझना हमारी सशस्त्र सेना की विशेषता है और यह वह पाठ था जिसे हमने पवित्र प्रतिरक्षा से लिया है और जंग के दौरान भी लोगों ने पवित्र प्रतिरक्षा का प्रबंधन व संचालन किया। राष्ट्रपति ने अपने भाषण में कहा कि आत्म विश्वास हमारी पवित्र प्रतिरक्षा की एक अन्य विशेषता थी, इस दौरान हमारे प्रतिरक्षा उद्योग जीवित व सक्रिय हो गये और हम आयात करने वाले देश से प्रगति करके निर्माण करने वाले और हथियारों के निर्यातकर्ता देश बन गये, आज हमारी सैनिक शक्ति पूरी दुनिया की ज़बान पर है और हमारे सैनिकों की ताकत हर क्षेत्र में बहुत अच्छी व उचित स्थिति में है।
इसी प्रकार राष्ट्रपति ने कहा कि आज हम पूरी ताकत व विश्वास से कह रहे हैं कि हमारे सशस्त्र सैनिक इस्लामी व्यवस्था की शक्ति का प्रतिबिंबन है और यह शक्ति देश की इज़्ज़त व प्रतिष्ठा का महत्वपूर्ण प्रतिबिंबन है। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे जवान उन क्षेत्रों में प्रगति कर रहे हैं जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था और दूसरे देशों के अधिकारी व ज़िम्मेदार उस पर चकित व हतप्रभ हैं और उसे चमत्कार मान रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि ईरानी राष्ट्र अपने पैरों पर खड़ा होना चाहता है और उसने इस्लामी गणतंत्र को दुनिया के सामने एक आदर्श के रूप में पेश किया है और उसने साबित कर दिया है कि आध्यात्म को राजनीति से मिश्रित किया जा सकता है और वह पूरी ताकत के साथ दुश्मनों के मुकाबले में डट गया और उसने क्षेत्र के लोगों को प्रतिरोध और कामयाबी का रास्ता सिखा दिया। MM
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