दुश्मन परास्त होकर अवसाद का शिकार हो गया हैः जनरल हुसैन सलामी
ईरान की इस्लामी फोर्स सिपाहे पासदारान IRGC के कमांडर ने पवित्र प्रतिरक्षा सप्ताह के अवसर पर एक कार्यक्रम में भाषण देते हुए कहा कि जो लोग पवित्र प्रतिरक्षा के आरंभ में सक्रिय थे वे आज भी सक्रिय हैं और उन्होंने दुश्मन को अपने लक्ष्य तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी।
IRGC के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी ने कहा कि हम आगे बढ़े और दुश्मन अपनी आकांक्षाओं तक न पहुंच सका। आप शैतानों, इस्लाम और ईरान के दुश्मनों के नाकाम व पराजित होने के साक्षी हैं। आपने रणक्षेत्र में वर्षों तक कठिनाइयां झेलीं और पीछे नहीं हटे। इसी प्रकार उन्होंने कहा कि आप संघर्षकर्ताओं ने हथियारों, शक्तियों, युद्धक विमानों, तोपों और टैंकों पर गलबा किया और दुश्मन इन हथियारों के माध्यम हमें रोब में लेना चाहता था परंतु आप नहीं डरे और आपके ईमान में वृद्धि हो रही थी।
पवित्र प्रतिरक्षा से उन लोगों से प्रतिशोध लेने की महक आ रही थी जिन्होंने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के खिलाफ तलवार उठाया था। हमारे संघर्षकर्ता गये थे ताकि आशूरा और कर्बला की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
IRGC के प्रमुख ने संघर्षकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपने इतिहास को बदल दिया और आपने इस्लाम की आरंभिक घटनाओं को आधार बनाकर इस्लामी इतिहास की सुन्दर रचनाओं को अस्तित्व प्रदान किया और शूरवीरता का परिचय दिया, आपने दुनिया से दिल नहीं लगाया, आपने अल्लाह और रसूल को दुनिया पर प्राथमिकता दी और इस समय भी आप रणक्षेत्र में हैं, अभी भी दुश्मन आप से डरता है, चिंतित है। आप संघर्षकर्ता अशांति के समय में थे और जब तक आप हैं और जिस पीढ़ी ने आपसे ध्वजा ली है उसके अंदर भी वही भावना मौजूद है और उसी भावना से वह भी लड़ती व संघर्ष करती है।
उन्होंने कहा कि गत 45 वर्ष, दुश्मन की शत्रुता और आपकी और आपकी संतान की शूरवीरता से भरा पड़ा है, दुश्मन परास्त हो चुका है परंतु वह दोबारा आया है किन्तु वह कमज़ोर और अवसाद का शिकार है। इसी प्रकार उन्होंने संघर्षकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक दिन आप आरपीजी के बारे में सोचते थे कि यह दुनिया का मजबूत व शक्तिशाली हथियार है परंतु बुधवार को इस्लाम और ईरान के नाम से अंतरिक्ष में एक सैटेलाइट भेजा है जो ज़मीन का चक्कर लगायेगा। हम कहां थे और कहां पहुंच गये और यह प्रगति इमाम ज़मान अलैहिस्सलाम के नाएब व प्रतिनिधि के दिशा निर्देशन में हो रही है।
जनरल हुसैन सलामी ने कहा कि जहां भी दुश्मन ने हमारे खिलाफ साज़िश की वहां हम सफल हुए और हम विनम्र भाव से कह रहे हैं कि हमारी समस्त सफलता का राज़ हमारे मर्दों और महिलाओं में मौजूद शहादत की भावना है, पवित्र प्रतिरक्षा के शहीदों का खून खुश्क नहीं होगा, शहीदों का पावन लहू कभी भी खुश्क नहीं होगा वे ईश्वर के पास से आजीविका पाते हैं।
इसी प्रकार उन्होंने कहा कि यह ईरानी राष्ट्र की शूरवीरता है जिसकी वजह से देश प्रगति कर रहा है, हमारे कमांडर शहीद जनरल कासिम सुलैमानी के जीवन की घटनाओं को देखिये, उन्होंने क्या किया, उन्होंने और इस्लामी राष्ट्र के सपूतों ने दुश्मनों को चिंतित कर दिया।
बहरहाल जानकार हल्कों का मानना है कि जब तक ईरानी राष्ट्र में ईमान अर्थात महान ईश्वर पर गहरी आस्था, अपनी आंतरिक क्षमताओं पर भरोसा और शहादत की भावना जैसे कारक मौजूद रहेंगे, दुनिया के साम्राज्यवादी देश उसे कुछ नुकसान पहुंचा सकते हैं पर कभी भी उसे पराजित नहीं कर सकते। ईरानी राष्ट्र का मौजूद रहना और विभिन्न क्षेत्रों में उसकी ध्यान योग्य प्रगति को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। MM
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