फ़िलिस्तीन के हालिया घटनाक्रमों पर ईरान की सक्रिय कूटनीति
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फ़िलिस्तीन में घटने वाली हालिया घटनाओं के बाद, ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ चार क्षेत्रीय देशों का दौरा किया और इन देशों के अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया।
(last modified 2023-10-16T09:32:47+00:00 )
Oct १६, २०२३ १५:०२ Asia/Kolkata
  • फ़िलिस्तीन के हालिया घटनाक्रमों पर ईरान की सक्रिय कूटनीति

फ़िलिस्तीन में घटने वाली हालिया घटनाओं के बाद, ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ चार क्षेत्रीय देशों का दौरा किया और इन देशों के अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया।

अल-अक़सा स्टॉर्म में फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधी गुटों के हाथों मिलने वाली अपमानजनक हार के बाद, तेल-अवीव ने ग़ज्ज़ा पट्टी के निहत्थे नागरिकों के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया और उन पर हज़ारों बम गिरा दिए। ज़ायोनी शासन ने ग़ज्ज़ा की नाकाबंदी पहले से भी कहीं अधिक कड़ी कर दी है।

ताज़ा स्थिति का जायज़ा लेने के लिए ईरानी विदेश मंत्री अमीर अब्दुल्लाहियान इराक़, लेबनान, सीरिया और क़तर गए और वहां उच्च अधिकारियों के साथ विचारों का आदान प्रदान किया।

अमीर अब्दुल्लाहियान की यात्रा की शुरूआत इराक़ की राजधानी बग़दाद से हुई, जहां उन्होंने इराक़ी प्रधान मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सलाहकार से मुलाक़ात की और फ़िलिस्तीन की घटनाओं पर विचार विमर्श किया।

इसके बाद उन्होंने बेरूत की यात्रा की और इस यात्रा के दौरान उन्होंने लेबनान के प्रधान मंत्री, विदेश मंत्री, संसद सभापति और हिज़्बुल्लाह के महासचिव से मुलाक़ात की। इसके बाद वह दमिश्क़ गए और सीरियाई राजधानी में अपने कुछ घंटों के दौरे के दौरान राष्ट्रपति बशार असद और सीरियाई विदेश मंत्री फ़ैसल अल-मिक़दाद से मुलाक़ात की।

इसके बाद ईरान के विदेश मंत्री अपने चौथे पड़ाव में वह क़तर की राजधानी दोहा गए और दोहा में उन्होंने विदेश मंत्री और फ़िलिस्तीन के हालात पर चर्चा की। उन्होंने क़तर के अमीर के अलावा, हमास आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरो के प्रमुख इस्माइल हनिया से भी मुलाक़ात की।

अमीर अब्दुल्लाहियान ने शनिवार को बेरूत में पत्रकारों से बात करते हुए कहाः हम गहन राजनीतिक परामर्श और विदेश मंत्रियों या क्षेत्रीय देशों के प्रमुखों के स्तर पर आवश्यक राजनयिक बैठकों के माध्यम से ज़ायोनी अपराधों को रोकने और ग़ज्ज़ा की नाकाबंदी को हटाने के लिए सभी आवश्यक राजनयिक प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि आज ज़ायोनी शासन, सबसे ख़राब स्थिति में है और अल-अक्सा स्टॉर्म के विजयी और अनूठे ऑपरेशन ने एक बार फिर उसकी कमज़ोर स्थिति को साबित कर दिया है।

इस बीच, ग़ज्ज़ा पट्टी की सीमा पर ज़ायोनी शासन का सैन्य जमावड़ा और इस पट्टी के उत्तरी इलाक़े को ख़ाली करने की धमकी, ज़ायोनी सेना के ज़मीनी हमले की शुरूआत का संकेत है। हालांकि ज़ायोनी शासन अब तक प्रतिरोधी बलों की प्रतिक्रिया के डर से यह साहस नहीं कर पाया है। ईरान इस बात पर ज़ोर देता है कि अगर ज़ायोनी शासन ग़ज्ज़ा पट्टी पर ज़मीनी हमला किया, तो प्रतिरोधी बलों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया और युद्ध में नए मोर्चे खुलने की संभावना है।