इस्लामी देशों को जायोनी सरकार से संबंध विच्छेद कर लेना चाहियेः ईरान
इस्लामी देशों के सहयोग संगठन आओईसी की कार्यकारी कमेटी की बैठक सऊदी अरब के जिद्दा नगर में हो रही है जिसमें ईरान के विदेशमंत्री ने कहा है कि वह समय आ गया है जब इस्लामी देशों को जायोनी शासन से संबंधों को तोड़ लेना चाहिये।
इस बैठक में विदेशमंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने इस्राईल के अपराधों की समीक्षा के लिए इस्लामी देशों की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल भेजे जाने का आह्वान किया।
विदेशमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि जायोनी शासन की कार्यवाहियां किसी भी तर्क के अनुसार नहीं हैं। विदेशमंत्री ने गत रात्रि गज्जा पट्टी के अस्पताल पर इस्राईल की बमबारी में मारे जाने वाले लोगों के प्रति सहानुभूति जताई और कहा कि जायोनी शासन के अपराध एसी स्थिति में जारी हैं जब सात अक्तूबर को प्रतिरोध की कार्यवाही में जायोनी शासन को एसी क्षति पहुंची जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।
विदेशमंत्री ने इसी प्रकार अमेरिका को जायोनी शासन के अपराधों का ज़िम्मेदार बताया और कहा कि अमेरिका इन अपराधों के लिए उत्तरदायी है। इसी प्रकार उन्होंने गज्जा पट्टी से हर प्रकार के ज़बरदस्ती पलायन की भर्त्सना की। उन्होंने कहा कि जायोनियों के दंडों का एलान किया जाना चाहिये।
ज्ञात रहे कि फिलिस्तीनियों पर ढ़ाये जा रहे अत्याचार के विरोध में और फिलिस्तीनियों से सहानुभूति जताने के लिए आज ईरान में सार्वजनिक शोक की घोषणा की गयी है और देश से बाहर जो ईरानी दूतावासों पर ईरानी ध्वज लगे हुए हैं उन्हें आधा झुकाये रहने के आदेश दिये गये हैं। MM
हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए
हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए