हमास ने ग़ज़्ज़ा युद्ध में ईरान की भूमिका की तारीफ़ की
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तेहरान में हमास के प्रतिनिधि खालिद क़दूमी ने कहा है कि युद्ध के दूसरे दिन से हमने ईरानी राष्ट्रपति और विदेश मंत्री की कूटनीतिक कार्रवाइयों को देखा है जो बहुत ही महत्वपूर्ण हैं।
(last modified 2023-11-16T09:26:46+00:00 )
Nov १६, २०२३ १४:५४ Asia/Kolkata
  • हमास ने ग़ज़्ज़ा युद्ध में ईरान की भूमिका की तारीफ़ की

तेहरान में हमास के प्रतिनिधि खालिद क़दूमी ने कहा है कि युद्ध के दूसरे दिन से हमने ईरानी राष्ट्रपति और विदेश मंत्री की कूटनीतिक कार्रवाइयों को देखा है जो बहुत ही महत्वपूर्ण हैं।

तेहरान में हमास के प्रतिनिधि ख़ालिद क़दूमी ने इर्ना से बातचीत में ग़ज़्ज़ा के लोगों के नरसंहार के विषय पर रियाज़ की आपातकालीन बैठक के बारे में कहा कि सच्चाई यह है कि हमें अरब नेताओं से बहुत उम्मीदें थीं लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ और यह बैठक में देरी हुई।

उन्होंने कहा कि इस्लामी जगत की राजनयिक भागीदारी का स्तर फ़िलिस्तीनी बच्चों के खिलाफ ज़ायोनी शासन के युद्ध अपराधों से तुलनीय नहीं है और इस शासन के युद्ध अपराधों के पैमाने और स्तर के अनुरूप नहीं है।

तेहरान में हमास के प्रतिनिधि ने कहा कि इस्लामी जगत वास्तव में दुश्मन के खिलाफ खड़ा नहीं हो सकता है, क्या इस्लामी समुदाय की दो अरब की आबादी कम है? क्या हमारा भंडार कम है? या वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर हमारी राजनीतिक स्थिति निम्नतर है?

ख़ालिद क़दूमी ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। इस्लामी उम्मा,  इस्लामिक सहयोग संगठन ओआईसी से फ़िलिस्तीनी जनता की न्यूनतम अपेक्षा, चिकित्सा और मानवीय सहायता के लिए रफ़ह पास को स्थायी रूप से खोलने की थी।

तेहरान में हमास के प्रतिनिधि ने कहा कि आज ग़ज़्ज़ा की जनता के समर्थन और मदद के लिए एक साहसिक राजनीतिक रुख़ और कूटनीति की जरूरत है जो इस शासन पर दबाव डाल सके और ग़ज़्ज़ा के निर्दोष लोगों पर बमबारी, नरसंहार और घेराबंदी को समाप्त करा सके।

खालिद क़दूमी ने कहा कि अगर हम इस्लामी उम्मा की राजनीतिक और राजनयिक स्थिति की तुलना दुनिया के बोलीविया, कंबोडिया या दक्षिण अफ्रीका जैसे स्वतंत्रता-प्रेमी देशों की राजनयिक स्थिति से करते हैं, तो हमें कहना होगा कि कुछ ग़ैर-मुस्लिम और ग़ैर-अरब देशों ने ज़ायोनी शासन से अपने संबंध तोड़ लिये हैं या तोड़ने की धमकी दी है।

उन्होंने कहा कि आज हमने इस्लामी जगत में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं देखी है, न तो राजनीतिक संबंध ख़त्म किए गए, राजदूतों को वापस बुलाया गया और न ही आर्थिक संबंध तोड़े गए।

हमास के प्रतिनिधि ने कहा कि आज हम इस्राईल को क्यों प्रोत्साहित कर रहे हैं?' या वे इसके लिए ईंधन की आपूर्ति में मदद क्यों कर रहे हैं?

तेहरान में हमास के प्रतिनिधि ने कहा कि हम यह नहीं चाहते कि इस्लामी जगत फ़िलिस्तीन और मासूम बच्चों की रक्षा के लिए एक सेना तैयार करे, बल्कि हम यह मांग करते हैं कि कम से कम रफ़ह पास को स्थायी रूप से खोला जाए और ज़ायोनी दुश्मन के साथ राजनीतिक संबंध ख़त्म किए जाएं या कम से कम, निलंबित कर दिया जाए और इसके साथ व्यापार बंद कर दिया जाए।  (AK)

 

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