फिलिस्तीन का समर्थन मानवता का समर्थन हैः ईरान
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विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनआनी ने कहा कि हालिया हफ्तों के दौरान बहुत से देश गज्ज़ा में युद्धविराम से सहमत और उसके पक्ष में थे परंतु प्रतिरोध ने अमेरिकी सरकार को जो जोरदार तमाचा लगाया है उसकी वजह से वह जंग को खत्म नहीं हो दे रही है।
(last modified 2023-11-18T05:59:10+00:00 )
Nov १८, २०२३ ११:२८ Asia/Kolkata

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनआनी ने कहा कि हालिया हफ्तों के दौरान बहुत से देश गज्ज़ा में युद्धविराम से सहमत और उसके पक्ष में थे परंतु प्रतिरोध ने अमेरिकी सरकार को जो जोरदार तमाचा लगाया है उसकी वजह से वह जंग को खत्म नहीं हो दे रही है।

नासिर कनआनी ने फिलिस्तीन में होने वाले परिवर्तनों की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक में कहा कि गत 44 वर्षों के दौरान इस्लामी गणतंत्र ईरान ने जो कुछ किया है वह विश्व की वर्चस्ववादी व्यवस्था की दुश्मनी के साथ किया है और हम इन उपलब्धियों को चमत्कार समझते हैं।

उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों पर पूरी दुनिया के लोग सवाल करते और पूछते हैं कि अत्याचारपूर्ण प्रतिबंधों के साथ ईरान ने किस प्रकार ये गर्व करने वाली उपलब्धियां हासिल की है। इसी प्रकार उन्होंने कहा कि ईरान ने न केवल विकास व प्रगति की है बल्कि सीरिया और इराक के प्रतिरोधी बलों का नैतिक व आध्यात्मिक समर्थन भी किया है और अपने स्वतंत्रताप्रेमी विचारों को उन तक पहुंचाया है।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनआनी ने बल देकर कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि ईरान की इस्लामी क्रांति की सफलता महत्वपूर्ण घटना थी और वह भी दुनिया में एक नये ब्लाक का गठन था और इस्लामी क्रांति ने विश्व वासियों के लिए सिद्ध कर दिया कि दूसरी शक्तियों पर निर्भर हुए बिना स्वतंत्र व स्वाधीन रहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने दुनिया के स्वतंत्रताप्रेमी आंदोलनों को नई जान दे दी और जो राष्ट्र वर्चस्ववादी देशों के अधीन हैं उन्हें नया जोश व उत्साह उपहार में दे दिया है।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम सब इस बात के साक्षी हैं कि ईरान की इस्लामी क्रांति की सफलता से पहले फिलिस्तीन का विषय ठंडे बस्ते में पड़ा था परंतु इस्लामी क्रांति ने उसमें नयी जान डाल दी। उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रांति के विचार क्षेत्र और दुनिया में फैल चुके हैं और ईरानी राष्ट्र ने 1357 हिजरी शमसी की अपनी क्रांति में स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी रह. के विचारों का अनुपालन व अनुसरण किया और आज ये विचार पूरी दुनिया में फैल चुके हैं और प्रतिरोधक गुट व दल उसे आदर्श के रूप में देखते हैं। उन्होंने फिलिस्तीन विषय की ओर संकेत किया और कहा कि फिलिस्तीन का समर्थन इस्लामी गणतंत्र ईरान की नीति है और यह नहीं हो सकता कि इस्लामी क्रांति साम्राज्य विरोधी हो और फिलिस्तीन में जो कुछ हो रहा है उसके प्रति लापरवाह भी रहे। उन्होंने कहा कि ईरान जो फिलिस्तीन का समर्थन करता है वह मज़लूम और मानवता का समर्थन है, इस समय हम फिलिस्तीनी लोगों के साथ खड़े हैं इससे अमेरिकी क्रोधित हैं। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन की आज़ादी तक और मज़लूम लोगों की एक सरकार गठित होने तक हम फिलिस्तीनी जनता के साथ रहेंगे।

ज्ञात रहे कि ईरान की इस्लामी व्यवस्था के संस्थापक स्वर्गीय इमाम खुमैनी रह. ने पवित्र रमज़ान महीने के अंतिम शुक्रवार को विश्व कुद्स दिवस के रूप में मनाये जाने का एलान किया था जिसके बाद से प्रतिवर्ष पूरी दुनिया के न्याय व स्वतंत्रता प्रेमी लाखों लोग फिलिस्तीन की मज़लूम जनता और मुसलमानों के पहले क़िब्ले की आज़ादी के समर्थन में रैलियां निकालते हैं। MM

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