फ़िलिस्तीनियों के जातीय सफाए की स्थति में युद्ध फैलना अपरिहार्य हैः ईरान
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अब्दुल्लाहियान बताते हैं कि क्षेत्र की अमरीकी छावनियों से हथियारों को ज़ायोनियों को भेजा जा रहा है।
(last modified 2023-11-21T02:40:35+00:00 )
Nov २१, २०२३ ०८:१० Asia/Kolkata
  • फ़िलिस्तीनियों के जातीय सफाए की स्थति में युद्ध फैलना अपरिहार्य हैः ईरान

अब्दुल्लाहियान बताते हैं कि क्षेत्र की अमरीकी छावनियों से हथियारों को ज़ायोनियों को भेजा जा रहा है।

विदेशमंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने जनेवा में सीबीएस न्यूज़ चैनेल को दिये साक्षात्कार में ग़ज़्ज़ा के परिवर्तनों के संदर्भ में बात की।  उन्होंने कहा कि क्षेत्र की अमरीकी छावनियों से हथियार ज़ायोनियों को पहुंच रहे हैं अर्थात यह कि ग़ज़्ज़ा में जातीय सफाए में अमरीका की भूमिका है। 

ईरान के विदेशमंत्री ने यह बात स्पष्ट की है कि हमास के आपरेशन में हम शामिल नहीं हैं बल्कि यह फ़िलिस्तीनियों का अपना फैसला है।  अब्दुल्लाहियान ने कहा कि इसके बावजूद वर्चस्ववादियों के मुक़ाबले में ईरान, फ़िलिस्तीन के प्रतिरोध का समर्थन करता रहेगा।    

ईरान के विदेशमंत्री ने आगे कहा कि यमन के समाज में हूसियों का विशेष महत्व है।  वे अपने फैसले स्वयं करते हैं।  हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ग़ज़्ज़ा में हो रहे जातीय सफाए के प्रति हम निश्चेत नहीं रह सकते।  अब्दुल्लाहियान ने इसी प्रकार से कहा कि इराक़ और सीरिया के प्रतिरोधी गुट जो अमरीकी हितों के विरुद्ध कार्यवाहियां कर रहे हैं वे भी अपने फैसले स्वयं करते हैं। 

ईरान के विदेशमंत्री ने बताया कि वाइट हाउस की ओर से तेहरान को यह संदेश दिये जाते हैं कि हम युद्ध को फैलाने के पक्षधर नहीं हैं।  हम तो मानवता के आधार पर युद्ध को रुकवाना चाहते हैं और इसी आधार पर सहायता करना चाहते हैं।  अमीर अब्दुल्लाहियान के अनुसार इसके बावजूद अबतक अमरीका की ओर से इस युद्ध को रुकवाने की कोई निशानी सामने नहीं आई है बल्कि अमरीका इसको बढ़ावा दे रहा है।  एसे में वह ही इसका ज़िम्मेदार है। 

ईरान के विदेशमंत्री के अनुसार अतिग्रहित क्षेत्रों के विशेष क़ानून होते हैं।  अन्तर्राष्ट्रीय क़ानूनों के अनुसार उनको आत्मरक्षा के लिए हथियार उठाकर संशस्त्र संघर्ष करने का पूरा अधिकार हासिल है।  एसे में अवैध ज़ायोनी शासन के विरुद्ध हमास ने जो अभियान आरंभ किया है वह पूरी तरह से अन्तर्राष्ट्रीय नियमों और क़ानूनों के अनुसार है।  उन्होंने कहा कि इस्राईल के अतिक्रमणकारी है।  

अपने साक्षात्कार के अंत में ईरान के विदेशमंत्री अमीर अब्दुल्लाहियान ने कहा कि अगर ग़ज़्ज़ा में इसी प्रकार से जातीय सफाया जारी रहता है तो फिर युद्ध का फैलना अपरिहार्य हो जाएगा।

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