आज तूफ़ान अलअक़सा इस्लामी क्रांति की आकांक्षा हैः तेहरान के इमामे जुमा
तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम आयतुल्लाह काज़िम सिद्दीक़ी ने कहा कि जेहाद और त्याग की विचारधारा और जीवनशैली ईरान से शुरू हुई और सीमाओं से गुज़रती हुई आगे बढ़ी जिसके नतीजे में रेज़िस्टेंस फ़्रंट के नाम से एक नेटवर्क बन गया और इस ठंडी हवा का झोंका बस महसूस कर रहे हैं।
तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम काज़िम सिद्दीक़ी ने नमाज़े जुमा के ख़ुतबों में क़ुरआन की आयतों का हवाला देते हुए कहा कि मोमिन इंसान हमेशा तक़वा और परहेज़गारी को हथियार के रूप में इस्तेमाल करता है और ख़ुद को शैतान के बहकावे और हमलों से बचाता है।
तेहरान के इमामे जुमा ने ग़ज़ा के हालात का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 48 दिन में ग़ज़ा प्रतिरोध, दृढ़ता, पराक्रम, ईमान अल्लाह के वादे पर यक़ीन और जेहाद के सारे मूल्यों का मंच बना रहा, जेहाद और त्याग की जो विचारधारा ईरान से शुरू हुई वो पूरे ईरान में फैल गई, तूफ़ान अलअक़सा ईरान की इस्लामी क्रांति की आकांक्षों में है।
उन्होंने कहा कि पिछले 44 साल में फ़िलिस्तीनी जनता का इंतेफ़ाज़ा आंदोलन डिफ़ेंसिव था लेकिन इस बार आफ़ेंसिव हुआ और ईमान व जेहाद की पाठशाला में प्रशिक्षण पाने वाले बहादुरों ने कुछ ही घंटों के भीतर ज़ायोनी शासन को नाक आउट कर दिया।
उन्होंने कहा कि अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में विवेकहीन, संवेदनाहीन, बेरहम और बे ईमान नेताओं विशेष रूप से अमरीकी राष्ट्रपति की उपस्थिति से साबित हो गया कि ज़ायोनी शासन ही केवल मकड़ी का जाला नहीं बल्कि यह पश्चिमी ताक़तें भी काग़ज़ी शेर से ज़्यादा कुछ नहीं हैं।
आयतुल्लाह काज़िम सिद्दीक़ी ने कहा कि हमास ने ईमान और दृढ़ता का सहारा लेकर इस्राईल की कमर तोड़ दी जबकि अमरीका की हड्डियां टूटने की भी आवाज़ें सुनाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि हमास के साहसी हमले से साबित हो गया कि अगर रेज़िस्टेंस फ्रंट आक्रामक मुद्रा में आ जाए तो उसका पलड़ा भारी रहेगा, ज़ायोनी कोशिश में थे कि हमास को मिटा दें लेकिन वे हर मैदान में पिछड़ते गए।
तेहरान के इमामे जुमा ने ज़ायोनी हमलों में बच्चों और महिलाओं के क़त्लेआम की निंदा करते हुए कहा कि इतने ढेरों बच्चों की हत्या लोगों ज़मीर जाग गए, लोगों ने खुलकर अमरीका का विरोध किया। उन्होंने कहा कि लंदन और पेरिस की सड़कों पर भी अवाम सड़कों पर निकल आए इससे साबित होता है कि इस्राईल का अंत क़रीक आ गया है।