हमास शुरु से ही आम नागरिकों को आज़ाद करना चाहता था लेकिन...
इस्लामी गणतंत्र ईरान ने क्षेत्र में स्थाई शांति और सुरक्षा की स्थापना की आशा व्यक्त की है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री ने आशा व्यक्त की है कि ग़ज़्ज़ा पट्टी में युद्धविराम की स्थापना और फिलिस्तीनी महिलाओं और बच्चों की रिहाई और कैदियों की अदला-बदली से क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा स्थापित होगी।
ईस्ना की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने ग़ज़्ज़ा पट्टी में युद्धविराम की शुरुआत पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में मज़लूम फ़िलिस्तीनी जनता के खिलाफ ज़ायोनी शासन के अपराधों की समाप्ति पर अपनी संतुष्टि व्यक्त की और कहा कि फिलिस्तीन के इस्लामिक प्रतिरोध आंदोलन हमास का व्यवहार तार्किक और मानवीय है।
क़तर में फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख इस्माईल हनिया से मुलाक़ात के बारे में विदेशमंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने कहा कि हमास युद्ध की शुरुआत से ही नागरिक क़ैदियों को रिहा करने के लिए प्रतिबद्ध था लेकिन इस्राईली पक्ष ने इस मुद्दे को रोक दिया ताकि युद्ध की आग भड़काने का बहाना मिल सके।
पिछले दो दिनों में तेहरान के राजनयिक प्रयासों का उल्लेख करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि ज़ायोनी शासन के अपराधों को रोका जाना चाहिए ताकि क्षेत्र अब से सुरक्षा और स्थिरता के एक नए चरण में प्रवेश हो सके। (AK)
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