सऊदी अरब हज को राजनैतिक रंग देने की कोशिश में
ईरान के हज विभाग के प्रमुख ने कहा कि आले सऊद हज के कर्तव्य को तर्क से हट कर पूरी तरह राजनैतिक दृष्टि से देख रहा है।
सईद औहदी ने आईआईआईबी के चैनल नंबर दो से इंटर्व्यू में, इस साल हज के संबंध में ईरान व सऊदी अरब के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत की प्रक्रिया की ओर इशारा करते हुए कहा कि सऊदी अरब ने बातचीत के दौरान सहमतिपत्र में 11 ऐसे बिन्दुओं को शामिल कर दिया कि इससे पहले के वर्षों में शामिल नहीं थे। उन्होंने बताया कि सऊदी अधिकारियों ने इन सीमितताओं को न हटाने की बात कही है। सईद औहदी ने कहा, “ईरानी तीर्थयात्रियों के लिए हवाई जहाज़ और परिवहन के साधन के इस्तेमाल और वीज़े को सीमित करने के अलावा 9 और बाधाएं खड़ी की गई थीं जिन्हें ईरानी अधिकारियों ने स्वीकार नहीं किया।”
उन्होंने बल दिया कि सऊदी अरब ने जो बाधाएं लगायी हैं उनसे पता चलता है कि वह गंभीर नहीं है और इनमें से किसी भी सीमितता की ज़रूरत नहीं थी। सईद औहदी ने कहा कि पछले साल 40 ईरानी हाजियों को झूठे आरोप में जन्नतुल बक़ी और मस्जिदुल हराम में गिरफ़्तार किया गया था और दो-तीन दिन के बाद बिना माफ़ी मांगे उन्हें छोड़ दिया गया था। उन्होंने बल दिया कि हज एक अनिवार्य संस्कार है जिसे अंजाम देने के मार्ग में किसी प्रकार की रुकावट नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सऊदी अरब ख़ुद को हज का मेज़बान कहता है तो उसे ईश्वर के अतिथियों के लिए ज़रूरी सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। (MAQ/N)