अमेरिकी समर्थन से इस्राईल अपराध कर रहा हैः राष्ट्रपति
ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि जायोनी सरकार अमेरिकी समर्थन से अपराध और नस्ली सफाया कर रही है।
राष्ट्रपति सैयद मोहम्मद इब्राहीम रईसी ने अमेरिका को जायोनी सरकार का मूल समर्थक और अपराधों की बुनियाद रखने वाला बताया। राष्ट्रपति ने जापान के प्रधानमंत्री फुमियो केशिदा के साथ टेलीफोनी वार्ता में कहा कि जायोनी सरकार अमेरिका के सीधे समर्थन से गज्जा में अपराध कर रही है और वह हिरोशीमा में परमाणु बम की तुलना में सात बराबर बम गज्जा में गिरा चुकी है और यह उस हालत में है जब अमेरिका बड़ी निर्लज्जता से इन अपराधों के मुकाबले में दूसरे देशों से संयंम से काम लेने का आह्वान करता है ताकि अवैध व गैर कानूनी जायोनी सरकार निश्चिंत होकर अपने अपराधों और नस्ली सफाये को जारी रख सके। राष्ट्रपति ने इस टेलीफोनी वार्ता में गज्जा में होने वाले अपराधों और नस्ली सफाये को वर्तमान समय की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदी बताया और बल देकर कहा कि फिलिस्तीन और गत 75 वर्षों के दौरान उससे जुड़ी घटनाओं को सही ढंग से बयान करने की ज़रूरत है और देशों के नेताओं व जिम्मेदारों को चाहिये कि इन वर्षों के दौरान फिलिस्तीनी राष्ट्र के साथ जो कुछ हुआ है उसका विश्लेषण करें और इस बात व हक को समझना कोई जटिल व सख्त काम नहीं है।
इसी प्रकार राष्ट्रपति ने प्रस्ताव दिया कि जापान सहित विभिन्न देश अपने- अपने देशों में जनमत संग्रह कराके देख सकते हैं कि कितने लोग फिलिस्तीनी राष्ट्र के हक के समर्थक हैं यद्यपि पश्चिमी देश इस प्रकार का जनमत संग्रह कराने से डरते हैं।
इसी प्रकार राष्ट्रपति ने कहा कि हमारा मानना है कि देशों के ज़िम्मेदारों और शासकों की चुप्पी और कमज़ोर दृष्टिकोण, बच्चों की हत्याचारी जायोनी सरकार के अधिक दुस्साहसी होने का कारण बनेगी। इसी प्रकार राष्ट्रपति ने कहा कि जापान सहित विभिन्न देशों को चाहिये कि वे चार विषयों को प्राथमिकता दें, सबसे पहले हमला व बमबारी बंद हो, गज्जा वासियों के लिए राहत सामग्री भेजी जाये, इस क्षेत्र का परिवेष्टन समाप्त किया जाये और फिलिस्तीनी जनता के अधिकारों को दिलाने की दिशा में प्रयास किया जाये।
राष्ट्रपति ने इसी प्रकार अपने बयान के एक अन्य भाग में ईरान की शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों के बारे में कुछ यूरोपीय देशों के हालिया बयान को पाखंड पर आधारित बयान बताया और बल देकर कहा कि सवाल यह है कि जायोनी सरकार की परमाणु गतिविधियां किस अंतरराष्ट्रीय संगठन व संस्था की निगरानी में है और किस संस्था ने इस सरकार को परमाणु वार हेड्स ले जाने वाले हथियारों की अनुमति दी है जिससे वह गज्जा वासियों को धमकी देती है?
जापान के प्रधानमंत्री ने भी इस टेलीफोनी वार्ता में गज्जा के संबंध में राष्ट्रपति सैयद मोहम्मद रईसी के दृष्टिकोणों की प्रंशसा की और इस क्षेत्र में मानवीय संकट पर चिंता जताई। इसी प्रकार जापान के प्रधानमंत्री ने आम नागरिकों की हत्या को रोके जाने और गज्जा के लोगों के लिए मानवता प्रेमी सहायता भेजे जाने पर बल दिया। जापान के प्रधानमंत्री ने इसी प्रकार ईरान और जापान के संबंध को मित्रतापूर्ण और एतिहासिक बताया और विभिन्न क्षेत्रों में इस्लामी गणतंत्र ईरान के साथ संबंधों में विस्तार हेतु अपने देश की इच्छा जताई।
रोचक बात यह है कि पश्चिमी व यूरोपीय देश और अवैध जायोनी सरकार ईरान की शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों पर एसी हालत में चिंता जताते हैं जब ईरान की शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियां परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी की निगरानी में हैं और वह बारमबार की अपनी रिपोर्टों में ईरान की परमाणु गतिविधियों के शांतिपूर्ण होने की पुष्टि कर चुकी है। MM
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