पश्चिमी डेमोक्रेसी का अस्ली चेहरा सामने आ गयाः आयतुल्लाह काज़िम सिद्दक़ी
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तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के अस्थाई इमाम आयतुल्लाह काज़िम सिद्दीकी ने नमाज़े जुमा के खुत्बों में कहा कि गज्जा पट्टी में किये जाने वाले अपराधों ने पश्चिम की डेमोक्रेसी के अस्ली चेहरा को सामने ला दिया।
(last modified 2023-12-22T09:53:08+00:00 )
Dec २२, २०२३ १५:२२ Asia/Kolkata
  • पश्चिमी डेमोक्रेसी का अस्ली चेहरा सामने आ गयाः आयतुल्लाह काज़िम सिद्दक़ी

तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के अस्थाई इमाम आयतुल्लाह काज़िम सिद्दीकी ने नमाज़े जुमा के खुत्बों में कहा कि गज्जा पट्टी में किये जाने वाले अपराधों ने पश्चिम की डेमोक्रेसी के अस्ली चेहरा को सामने ला दिया।

उन्होंने कहा कि प्रतिरोध विजयी है क्योंकि वह ऐसा मोर्चा है जो समीकरण का निर्माण कर रहा है। समाचार एजेन्सी तसनीम की रिपोर्ट के अनुसार आयतुल्लाह काज़िम सिद्दीकी ने नमाज़े जुमा के खुत्बों में फिलिस्तीन समस्या की ओर संकेत किया और कहा कि इस्लामी राष्ट्रों को एकता का परिचय देना चाहिये।

उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन के अतिग्रहणकारियों को आज तक इस तरह से नहीं पहचाना गया था, अमेरिका, फ्रांस और पश्चिमी धड़ों का काम गत 200 वर्षों के दौरान हत्या रहा है और इन देशों ने अपने यहां के स्थानीय लोगों पर भी रहम व दया नहीं की, हिरोशीमा और नाकासाकी में जनसंहार किया और इसी तरह विद्रोहों और जंगों में निर्दोष लोगों की हत्या की।

इसी प्रकार उन्होंने कहा कि साम्राज्य ने फिलिस्तीन के अतिग्रहण पर ध्यान केन्द्रित कर रखा है क्योंकि वह हमास के अलअक्सा तूफान का मुकाबला करने में सक्षम नहीं है और ढाई महीनों से अधिक समय के दौरान साम्राज्यवादियों व जायोनियों को जान माल की भारी क्षति उठानी पड़ी है और उन्हें कोई उपलब्धि हासिल नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि उसकी वजह यह है कि इस्राईल की सैनिक पराजय जारी है और वह पागलों की तरह फिलिस्तीन के निर्दोष बच्चों, महिलाओं और लोगों पर हमला करके उनकी हत्या कर रहा है और यह ईश्वरीय दंड है।

तेहरान की नमाज़े जुमा के अस्थाई इमाम ने कहा कि महान ईश्वर ने पश्चिम की लिबरल डेमोक्रेसी के वास्तविक चेहरे को जगज़ाहिर कर दिया और पश्चिम कभी भी इस सीमा तक घृणित नहीं था और पश्चिमी देशों और अमेरिकी विश्वविद्यालयों में फिलिस्तीनियों के पक्ष में प्रदर्शन हुए हैं और ये देश अपने बुद्धिजीवियों को भी फिलिस्तीनियों के पक्ष में बोलने की अनुमति नहीं दे रहे हैं और कुछ उस्तादों, प्रोफेसरों और छात्रों को निकाल भी दिया है। MM

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