ईरान और अफगानिस्तान के बीच मौजूद समस्याओं का समाधान होना चाहियेः विदेशमंत्री
ईरान के विदेशमंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने अफगानिस्तान के विदेशमंत्रालय के ज़िम्मेदार से मुलाकात में पानी और सीमावर्ती समस्याओं सहित दोनों देशों के बीच मौजूद समस्याओं के समाधान पर बल दिया।
रविवार की शाम को तेहरान में विदेशमंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने अफगानिस्तान के विदेशमंत्रालय के ज़िम्मेदार अमीर खान मुत्तकी से मुलाकात में गज्जा के हालिया परिवर्तनों और जायोनी सरकार के पाश्विक अपराधों के बारे में विचारों का आदान- प्रदान किया। इसी प्रकार विदेशमंत्री ने फिलिस्तीनी जनता की सहायता पर बल दिया और आशा जताई कि अफगानी अधिकारी दोनों देशों के बीच मौजूद समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगे।
वर्ष 2021 में तालेबान ने एक बार फिर अफगानिस्तान की सत्ता की बागडोर संभाली और जब से तालेबान ने सत्ता की बाग़डोर संभाली है तब से कभी- कभी कुछ मामलों को लेकर ईरान और तालेबान के बीच तनाव व मतभेद रहे हैं। उनमें से एक ईरान के पानी के अधिकार और दूसरे अफगानिस्तान के साथ सीमावर्ती मामले हैं। ईरान का जो पानी का अधिकार है उसके न मिलने की वजह से ईरान के सीस्तान व बलोचिस्तान प्रांत के बहुत से लोगों को कठिनाइयों और अकाल का सामना हुआ।
इसी आधार पर ईरान, हीरमंद जल के संबंध में होने वाले समझौते 1351 को पूरी तरह से लागू किये जाने का इच्छुक है। हिन्दुकुश पर्वत हीरमंद नदी का उद्गम स्थल है और वहां से वह ईरान आती है परंतु तालेबान ने खेती के लिए पानी को रोकने के लिए जगह- जगह पर इस नदी पर बांध बना लिया है जिसकी वजह से जो पानी ईरान को मिलना चाहिये वह नहीं मिल पाता है।
स्पष्ट है कि इस समय अफगानिस्तान में सत्ता की बागडोर तालेबान के हाथ में है इस आधार पर उसकी ज़िम्मेदारी है कि वह पानी के संबंध में ईरान के साथ जो समझौता हुआ है उस पर अमल की ज़िम्मेदारी भी तालेबान की है। तालेबान अधिकारियों ने एक बार फिर वादा किया है कि वे इस संबंध में ईरानी अधिकारियों से आश्यक व ज़रूरी सहयोग करेंगे। उदाहरण स्वरूप अफगानिस्तान के विदेशमंत्रालय के ज़िम्मेदार अमीर ख़ान मुत्तकी ने बल देकर कहा है कि तालेबान ईरान के पानी के अधिकार को मान्यता देता है और इस संबंध में ईरान के साथ बिल्कुल समस्या उत्पन्न नहीं करना चाहता।
मादक पदार्थों की तस्करी, सशस्त्र गुटों द्वारा ईरान में गैर कानूनी ढंग से प्रवेश के लिए प्रयास करना और ईरान और तालेबान के सीमा सुरक्षा बलों के बीच होने वाली झड़पें वे विषय हैं जिनसे ईरान और तालेबान के बीच संबंधों पर प्रभाव पड़ा है।
बहरहाल आशा है कि तालेबान तार्किक ढंग से ईरान के साथ विवादास्पद विषयों के समाधान के लिए प्रयास करेंगे और ईरान व अफगानिस्तान के मध्य एसा कोई विषय ही नहीं है जिसका वार्ता द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से समाधान न किया जा सके और आशा है कि तालेबान के अधिकारी सूझबूझ का परिचय देंगे और विदेशियों को किसी प्रकार हस्तक्षेप का मौका नहीं देंगे। MM
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