ईरान व हिज़्बुल्लाह ने शैख़ सलमान के विरुद्ध फ़ैसले की आलोचना की
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बहरैन के सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता की सज़ा में वृद्धि पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है कि मध्यमार्गी राजनेताओं के विरुद्ध इस प्रकार की कार्यवाहियों से समस्या का समाधान नहीं होगा।
हुसैन जाबिरी अन्सारी ने मंगलवार को बहरैन की एक अदालत द्वारा इस देश की अलवेफ़ाक़ पार्टी के नेता शैख़ सलमान की सज़ा की पुष्टि और उसमें वृद्धि की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह के क़दमों से बहरैन की समस्याएं हल नहीं होंगी बल्कि अधिक जटिल होती जाएंगे और यह स्थिति चरमपंथियों के हित में होगी।
उधर लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन ने भी एक बयान जारी करके शैख़ सलमान की सज़ा चार साल से नौ साल किए जाने की आलोचना करते हुए उन्हें रिहा किए जाने की मांग की है। हिज़्बुल्लाह के बयान में अलवेफ़ाक़ पार्टी के नेता के ख़िलाफ़ जारी किए गए इस नए फ़ैसले को बहरैन के धर्मगुरुओं व प्रतिष्ठित लोगों को निशाना बनाने की इस देश की सरकार की अत्याचारपूर्ण कार्यवाहियों का क्रम बताया है। बयान में कहा गया है कि बहरैन के धर्मगुरू शांतिपूर्ण ढंग से इस देश के लोगों पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध लड़ रहे हैं जिनमें शैख़ अली सलमान प्रमुख हैं।
ज्ञात रहे कि बहरैन के उच्च न्यायालय ने सोमवार को अपने फ़ैसले में अलवेफ़ाक़ पार्टी के नेता शैख़ अली सलमान की सज़ा में दुगनी से भी अधिक वृद्धि करते हुए उसकी अवधि चार से नौ साल कर दी है। (HN)