अमीर अब्दुल्लाहियानः क्षेत्र की रेज़िस्टेंस फ़ोर्सेज़ अपने फ़ैसले ख़ुद करती हैं
इस्लामी गणराज्य ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने कहा कि ज़ायोनी शासन ग़ज़ा पट्टी पर हमलों में अपना कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं कर सका है और यमन सहित क्षेत्र के देशों में मौजूद रेज़िस्टेंस फ़ोर्सेज़ अपने फ़ैसले ख़ुद करती हैं।
हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने रविवार की शाम देश भर के इमामे जुमा धर्मगुरुओं की सभा को संबोधित करते हुए कहा कि रेज़िस्टेंस फ़ोर्सेज़ अपने फ़ैसले ख़ुद करती हैं ईरान उन्हें कोई आदेश नहीं देता। उन्होंने कहा कि हिज़्बुल्लाह की वर्तमान स्ट्रैटेजी बहुत महत्वपूर्ण है जिसने ज़ायोनी सेना के बहुत बड़े भाग को इंगेज कर रखा है।
उन्होंने कहा कि अगर सीरिया और इराक़ में दाइश और आतंकवाद के मुक़ाबले के लिए रेज़िस्टेंस फ़ोर्सेज़ न बनाई गई होतीं तो आज ज़ायोनी शासन अपनी दीवारों के भीतर क़ैद न होता और पूरे इलाक़े के हालात कुछ और होते।
अमीर अब्दुल्लाहियान ने पश्चिमी एशिया के इलाक़े में रेज़िस्टेंस फ़ोर्सेज़ की महत्वपूर्ण भूमिका को बेहद कारगर बताते हुए कहा कि इस सूझबूझ भरी भूमिका की तारीफ़ क्षेत्र और दुनिया के सभी समझदार लोग करते हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि आज के जटिल हालात में रेज़िस्टेंस फ़ोर्सेज़ जिस प्रकार की भूमिका निभा रही हैं उसे देखकर दुनिया हतप्रभ है, इस नेटवर्क के एक संगठन हमास ने 7 अक्तूबर को आप्रेशन करके ज़ायोनी शासन के सुरक्षा व इंटैलीजेंस ढाचें की चूलें हिला दीं।
उन्होंने कहा कि अमरीका और ज़ायोनी शासन के साथ ही कुछ पश्चिमी देशों ने कोशिश की कि 7 अक्तूबर के आप्रेशन को आतंकवादी कार्यवाही ज़ाहिर करें लेकिन रेज़िस्टेंस फ़ोर्सेज़ की कूटनीति ने इस कुप्रयास को सफल नहीं होने दिया।
हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने कहा कि 100 दिनों की जुनूनी बमबारी में ज़ायोनी शासन 25 हज़ार से अधिक बेगुनाह नागरिकों को शहीद करने के अलावा कुछ भी हासिल नहीं कर सका।
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