जब भी इराकी चाहेंगे हम उनकी मदद करेंगे, विदेशमंत्री
इस्लामी गणंतत्र ईरान के विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ ने कहा है कि चरमपंथ और आतंकवाद किसी एक क्षेत्र से विशेष नहीं है बल्कि यह एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है।
विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ ने बुधवार को स्टाॅकहोम में बुद्धिजीवियों के मध्य अपने एक भाषण में कहा कि सीरिया की समस्या पूरी दुनिया की समस्या है और हमें क्षेत्रीय विषयों की परिभाषा फिर से खोजना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सीरिया में बारे में जो एकमात्र समाधान है वह सीरियाई नागरिकों द्वारा होगा और विदेशी सिर्फ समाधान के मार्ग को आसान बना सकते हैं लेकिन वह अपना फैसला सीरियाई जनता पर थोप नहीं सकते।
उन्होंने अपने भाषण के एक अन्य भाग में सऊदी अरब के साथ ईरान के संबंधों के बारे में कहा कि मैंने हमेशा यह कहा है कि अगर परमाणु मामले पर ईरान व अमरीका बात करके समझौते तक पहुंच सकते हैं दो यह कैसे संभव है कि दो एेसे देश जो भौगोलिक दृष्टि से एक दूसरे से दूर नहीं हो सकते और एक दूसरे को भाई कहते हैं, अपनी समस्याओं का निवारण न कर सकें?
विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ ने स्टॅाकहोम स्टडी सेन्टर में भाषण के दौरान मानवाधिकार पर पूछे गये एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि मेरे ख्याल में हमें मानवाधिकार के संदर्भ में सब से पहले उन लोगों पर एतेराज़ करना चाहिए जो सिर काटने की सज़ा देते हैं।
उन्होंने कहा कि मेरी विनती है मानवाधिकार के लिए ही सही , सच्चाई को बयान करें क्योंकि मानवाधिकार के विषय पर राजनीति नहीं करना चाहिए।
विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ ने सऊदी अरब के विदेशमंत्री के इस बयान पर कि ईरान , इराक में हस्तक्षेप न करे कहा कि मुझे नहीं मालूम कि इराक से सऊदी अरब का क्या संबंध है और यह जो सऊदी अरब कहता है कि ईरान इराक में हस्तक्षेप न करे, खुद यह कहना भी इराक के मामले में हस्तक्षेप है
उन्होंने कहा कि जब भी इराकी नेता हम से कहेंगे हम इराक से निकल जाएंगे और जब भी वह चाहेंगे हम इराक की मदद करेंगे और सऊदी अरब को यह बहुत जल्द पता चल जाएगा कि दाइश उसका सब से पहला दुश्मन है।
विदेशमंत्री मंगलवार की शाम फिनलैंड से स्वेडन गये जहां उन्होंने अपनी समकक्ष के अलावा इस देश के प्रधानमंत्री से भेंट की। (Q.A.)