ईरानियों द्वारा ग़ज़ा के शहीदों के परिजनों का गर्मजोशी से स्वागत+ तस्वीरें
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पार्सटुडेः ग़ज़ा पट्टी के शहीदों के कुछ परिजनों और बाक़ी रह जाने वालों का तेहरान में "असहाबे तूफ़ान" शीर्षक के अंतर्गत स्वागत समारोह आयोजित हुआ।
(last modified 2024-07-04T08:05:41+00:00 )
Jul ०४, २०२४ १३:०२ Asia/Kolkata
  • ईरानियों द्वारा ग़ज़ा के शहीदों के परिजनों का गर्मजोशी से स्वागत+ तस्वीरें
    ईरानियों द्वारा ग़ज़ा के शहीदों के परिजनों का गर्मजोशी से स्वागत+ तस्वीरें

पार्सटुडेः ग़ज़ा पट्टी के शहीदों के कुछ परिजनों और बाक़ी रह जाने वालों का तेहरान में "असहाबे तूफ़ान" शीर्षक के अंतर्गत स्वागत समारोह आयोजित हुआ।

तेहरानी नागरिकों ने मंगलवार की दोपहर को इस्राईल मुर्दाबाद और अमेरिका मुर्दाबाद का नारा लगाया और प्रतिरोध का परचम लहरा कर ग़ज़ा के शहीदों के कुछ परिवारों का स्वागत किया। पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार फ़िलिस्तीन के सबसे बड़े परचम को मंगलवार को तेहरान के अब्बासाबाद पर्यटन स्थल में ग़ज़ा के कुछ शहीदों के परिजनों की उपस्थिति में लहराया गया।

इस समारोह की आप कुछ तस्वीरों को देख रहे हैं।

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ज़ायोनी सरकार ने 7 अक्तूबर 2023 को पश्चिमी देशों के व्यापक समर्थन से ग़ज़ा और जार्डन नदी के पश्चिमी किनारे पर फ़िलिस्तीन के मज़लूम और निहत्थे लोगों का नस्ली सफ़ाया आरंभ किया था जो अभी तक जारी है।

प्राप्त अंतिम रिपोर्टों के अनुसार ग़ज़ा पर ज़ायोनी सरकार के हमलों में अब तक शहीद होने वाले फ़िलिस्तीनियों की संख्या 37953 जबकि घायलों की संख्या 87266 हो गयी है।

 

इसी प्रकार 10 हज़ार से अधिक फ़िलिस्तीनी अब भी मलबों के नीचे दबे हुए और लापता हैं।

फ़िलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के एलान के अनुसार ग़ज़ा में शहीद होने वालों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलायें और बच्चे हैं।

 

ज्ञात रहे कि ब्रिटेन की साम्राज्यवादी योजना के तहत ज़ायोनी सरकार का बुनियादी ढांचा वर्ष 1917 में तैयार हो गया था और विश्व के विभिन्न देशों से यहूदियों व ज़ायोनियों को फ़िलिस्तीनियों की मातृभूमि में लाकर बसा दिया गया और वर्ष 1948 में ज़ायोनी सरकार के अवैध व ग़ैर क़ानूनी अस्तित्व की घोषणा कर दी गयी और तब से लेकर आज तक फ़िलिस्तीनियों की हत्यानरसंहार और उनकी ज़मीनों पर क़ब्ज़ा जारी है।

 

इस्लामी गणतंत्र ईरान और कुछ देश इस्राईल की साम्राज्यवादी सरकार के ख़त्म होने और यहूदियों के उनके अस्ली देशों में वापसी के गम्भीर इच्छुक हैं। MM

 

कीवर्ड्सः ईरान और फ़िलिस्तीन, जंगे ग़ज़ा, इस्राईली अपराध, असहाबे तूफ़ान

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