मसऊद पिज़िश्कियान ईरान के 9वें राष्ट्रपति बने
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पार्सटुडे- ईरानी जनता के वोटों से श्री मसऊद पिज़िश्कियान, देश के 9वें राष्ट्रपति के रूप में चुन लिए गये।
(last modified 2024-07-06T08:27:56+00:00 )
Jul ०६, २०२४ १३:५५ Asia/Kolkata
  • मसऊद पिज़िश्कियान ईरान के 9वें राष्ट्रपति बने
    मसऊद पिज़िश्कियान ईरान के 9वें राष्ट्रपति बने

पार्सटुडे- ईरानी जनता के वोटों से श्री मसऊद पिज़िश्कियान, देश के 9वें राष्ट्रपति के रूप में चुन लिए गये।

ईरान के 14वें राष्ट्रपति चुनाव का दूसरा चरण शुक्रवार, 5 जुलाई को आयोजित किया गया और वोटों की गिनती के आधार पर, मसऊद पिज़िश्कियान ईरानी के निर्वाचित राष्ट्रपति बने।

पार्सटुडे के अनुसार, पिज़िश्कियान ने ईरान के अंदर और बाहर कुल 3 करोड़ 5 लाख 30 हजार 157 वोटों में से (वैध और अवैध मतपत्रों की संख्या) 1 करोड़ 63 लाख 84 हज़ार 403 वोट हासिल किए।

14वें ईरानी राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण के एक अन्य उम्मीदवार सईद जलीली ने भी 1 करोड़, 35 लाख 38 हजार 179 वोट हासिल किए थे।

ईरान के नवें राष्ट्रपति का जन्म 1333 हिजरी शम्सी में हुआ था और उनके पास तबरीज़ यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज से मेडिसिन और सर्जरी में पेशेवर डॉक्टरेट की डिग्री भी है और साथ ही ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में हार्ट स्पेश्लिस्ट के रूप में काम भी कर रहे हैं। मसऊद बिशिकियान 2001 से 2005 तक पूर्व राष्ट्रपति मुहम्मद ख़ातेमी की सरकार में चिकित्या और स्वास्थ्य मंत्री थे और लगातार 5 बार से सांसद रहे।

पिज़िश्कियान ईरान की संसद मजलिसे शूराए इस्लामी के 10वें कार्यकाल के उप संसद सभापति भी थे।

ईरान के 14वें राष्ट्रपति चुनाव की प्रतिस्पर्धा में, श्री पिज़िश्किया ने "ईरान के लिए" के स्लोगन के साथ "न्याय" को साकार करने, समाज में एकता और एकजुटता को मजबूत करने और "सातवें विकास कार्यक्रम" के प्रावधानों को लागू करने के प्रयासों के साथ उतरे। ईरान में इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाह खमेनेई की नीतियों के आधार पर उन्होंने अपनी योजनाओं का एलान किया।

उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान यह भी वादा किया था: यदि वह चुनाव जीतते हैं, तो वह एक "लासो" समिति (सरकारी निगरानी समिति) बनाएंगे और यह समिति लोगों और सरकार और संप्रभुता के बीच एक पुल होगी।

पहले चरण श्री मसऊद पिज़िश्कियान को एक करोड़ 4 लाख 15 हज़ार 991 वोट पड़े जबकि  सईद जलीली को 94 लाख 73 हज़ार 298 वोट मिले थे।  मोहम्मद बाक़िर क़ालीबाफ़ को 33 लाख 83 हज़ार 340 वोट मिले थे जबकि  मुस्तफ़ापूर मोहम्मदी की झोली में दो लाख 6 हज़ार 397 हज़ार वो पड़े थे।  

इस प्रकार ईरान के राष्ट्रपति उम्मीदवारों में से किसी भी उम्मीदवार को 50+1 प्रतिशत वोट हासिल नहीं हुआ और ईरान में राष्ट्रपति पद के लिए दूसरी बार मतदान हुआ जिसके दौरान मसऊद पिज़िश्कियान और सईद जलीली के बीच मुक़ाबला हुआ। श्री पिज़िश्कियान अब 16 मिलियन से अधिक वोटों से ईरान के नए राष्ट्रपति बन गये हैं।

इस चुनाव में विदेशों में ईरानियों ने भी बढ़चढ़कर भाग लिया।

विदेश चुनाव मुख्यालय के सचिव अली रज़ा मुहम्मदी ने विदेशों में ईरानियों द्वारा चुनावों भरपूर तरीक़े से भाग लेने की ओर इशारा किया और एलान किया कि चुनाव के दूसरे दौर में विदेशों में मतदान केन्द्रों में ईरानियों की उपस्थिति पहले दौर की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक थी।

वाशिंगटन में ईरान के हित संरक्षण कार्यालय के प्रमुख ने भी एलान किया कि कुछ विरोधियों की रुकावट के बावजूद अमेरिका में रहने वाले ईरानियों द्वारा चुनाव में भरपूर तरीक़े से भाग लिया गया।

 

कीवर्ड्ज़: मसऊद पिज़िश्कियान कौन है? ईरान का राष्ट्रपति चुनाव, ईरान में लोकतंत्र, सईद जलीली (AK)

 

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