ईरान में नौ दय क्यों महत्वपूर्ण है?
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पार्सटुडे- रविवार नौ दैय 1403 बराबर 29 दिसंबर 2024 को ईरान में रोज़े बसीरत अर्थात अंतर्दृष्टि दिवस के रूप में मनाया जाता है।
(last modified 2025-01-03T06:16:49+00:00 )
Dec ३१, २०२४ १४:१९ Asia/Kolkata
  • 1388 हिजरी शमसी बराबर 2009 में बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति
    1388 हिजरी शमसी बराबर 2009 में बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति

पार्सटुडे- रविवार नौ दैय 1403 बराबर 29 दिसंबर 2024 को ईरान में रोज़े बसीरत अर्थात अंतर्दृष्टि दिवस के रूप में मनाया जाता है।

वर्ष 1388 हिजरी शमसी अर्थात 2009 में ईरान में राष्ट्रपति का चुनाव सम्पन्न हो जाने के बाद और उस चुनाव में पराजित दो प्रत्याशियों की ओर से दावा किया गया कि चुनाव में धांधली और घपला हुआ है इस दावे के बाद कुछ लोगों ने ईरान के विभिन्न क्षेत्रों में अशांति व हिंसा फ़ैला दी।

 

पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 1388 हिजरी शमसी में व्याप्त होने वाली अशांति के बाद जो प्रमाण प्राप्त हुए वे इस बात के सूचक थे कि उस अशांति का दिशा निर्देशन देश के बाहर अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों की ओर से किया जा रहा था और उस अशांति से काफ़ी समय पहले से उसकी साज़िश व योजना तैयार कर ली गयी थी।

 

उस अशांति व उपद्रव से पश्चिम का लक्ष्य एक तीर दो निशान था। पश्चिम ने एक ओर ईरान में होने वाले चुनाव की निष्पक्षता को लक्ष्य बनाया था ताकि लोगों को देश के राजनीतिक तंत्र से निराश व हताश कर दें और दूसरी ओर ईरान की इस्लामी व्यवस्था को उखाड़ फ़ेंकने का जो स्वप्न देख रखा था उसे व्यवहारिक बनायें क्योंकि वे देख रहे थे कि लोगों का रुझान पश्चिम की टीका- टिप्पणी करने वाले राजनेताओं की ओर है। इसी कारण ईरान में दसवीं बार का राष्ट्रपति चुनाव सामान्य घटना नहीं थी बल्कि उसकी योजना पश्चिम ने तैयार की थी और वह एक प्रायोजित घटना थी।

 

उस साल की अशांतियों व उपद्रवों के अंतिम दिनों में कुछ उपद्रवियों ने धार्मिक मान्यताओं का अनादर किया और यह कार्य धार्मिक भावनाओं के भड़कने और ईरान के लोगों की अप्रसन्नता का कारण बना और लोगों ने इन कार्यों के जवाब में उपद्रवों, धार्मिक अनादरों और उपद्रवियों से बेज़ारी का एलान किया और नौ दैय 1388 हिजरी शमसी को भारी प्रदर्शन किया और मानवता पर आधारित धार्मिक नीतियों के प्रति अपने समर्थन की घोषणा की। इस दिन को ईरानी कैलेन्डर में रोज़े बसीरत और विलायत से बैअत का नाम दिया गया है।

 

15 साल का समय बीत जाने के बाद ईरान के लोग हर वर्ष नौ दैय को सड़कों पर आकर दुश्मनों के षडयंत्रों के मुक़ाबले में अपनी बसीरत व अंतर्दृष्टि की घोषणा करते हैं। MM