मुकम्मल ईरानी फ्लोट के बारे में 5 महत्वपूर्ण बातें
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शहीद सुलेमानी मिसाइल लांचर फ़्लोट
पार्सटुडे - शहीद सुलेमानी फ़्लोट का निर्माण, ईरान की समुद्री शक्ति के ज्योमिति के पूरा होने और आईआरजीसी में कैटामरैन (डबल-बॉडी) और ट्रिमरन (थर्ड- बॉडीज़) श्रेणी के फ़्लोट की विशेष प्रगति के साथ किया गया ज्ञान और अनुभव की बेहतरीन मिसाल कहा जा सकता है।
पार्सटुडे के इस लेख में, हम शहीद सुलेमानी मिसाइल लांचर फ़्लोट के रणनैतिक आयाम और इस्तेमाल पर चर्चा करते हैं।
1- आईआरजीसी के साथ सहयोग करने वाली नालेज बेस्ड कंपनियों की क्षमताओं का इस्तेमाल करके इस ईरानी फ़्लोट के मुकम्मल स्वदेशीकरण ने आईआरजीसी को नए एल्यूमीनियम समुद्री जहाज़ों और फ़्लोट्स के निर्माण करने के लिए प्रेरित किया है जो समुद्र में हल्के और अधिक परिचालन रूप बहुत ज़्या टिकाऊ और मज़बूत होते हैं।
2- शहीद सुलेमानी फ्लोट की ऑपरेशनल रेंज 750 किमी से ज्यादा बताई गई है। यह रेंज इस फ़्लोट के सामान्य और एकल (अकेले) नेविगेशन के लिए बताई गई है और इस फ़्लोट के मिशनों को पूरा करने के लिए ईरान के उच्च सैन्य कमांडरों द्वारा 5 हजार मील की रेंज भी बताई गयी है जो संयुक्त नेविगेशन का हिस्सा होगी।
यदि इस फ़्लोट के साथ एक सहायक फ़्लोट का उपयोग किया जाता है, जैसा कि ईरानी नौसेना दूर दराज़ के इलाक़ों के अभियानों में उपयोग करती है, तो इस फ़्लोट की सीमा कई गुना बढ़ जाएगी और यह जहाज तट से हज़ारों किलोमीटर दूर तक का सफ़र कर सकता है।
इस मक़सद के लिए, आईआरजीसी ने हालिया वर्षों में नई बैकप फ़्लोट्स भी बनाई हैं जिसका एक उदाहरण शहीद रूदकी बैकप जहाज है जबकि शहीद महदवी फ़्लोट भी अपने निर्माण के अंतिम चरण में है।
3- फ्लोटिंग बॉडी की डिज़ाइनिंग की लंबाई में इस एल्यूमीनियम फ्लोट के निर्माताओं के रिकॉर्ड तोड़ काम की वजह से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स आईआरजीसी उन 3 देशों में शामिल हो गया है जो 60 मीटर से अधिक लंबाई वाले एल्यूमीनियम फ्लोट का निर्माण करते हैं। इस फ़्लोट के अनेक तरह के इस्तेमाल के साथ एल्युमीनियम फ्लोट्स के निर्माण में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का उज्जवल भविष्य, सफलता के साथ और भी प्रकाशमयी होगा।
4- शहीद सुलेमानी फ़्लोट पर लगे रडार और डायग्नोस्टिक सिस्टम ज़मीन, ज़मीन के नीचे और हवाई गतिविधियों की अच्छी तरह से निगरानी करने में सक्षम हैं।
रडार, डिटेक्शन और इंटरसेप्शन सिस्टम से लैस होने के अलावा, यह फ़्लोट वर्टिकल फ़्लाइट डिफ़ेंस सिस्टम से भी लैस है जिसकी रेंज 150 किलोमीटर से अधिक है। कुछ विश्लेषकों ने इस डिफ़ेंस सिस्टम को "सय्याद- 3" क़रार दिया है। इस फ़्लोट में लंबी दूरी के सिस्टम के साथ ड्रोन, क्रूज़ मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों से निपटने के लिए छोटी दूरी का एक सिस्टम भी लगाया गया है।
5- एयर डिफ़ेंस सिस्टम के क्षेत्र के अलावा और क्षेत्रों में भी शहीद सुलेमानी फ्लोट, अपनी विशेष पहचान और ख़ास महत्व रखती है। शहीद सुलेमानी फ़्लोट की तस्वीरों के देखकर यह साबित हो जाता है कि इसके कमांड ब्रिज से सटे डेक के दोनों किनारों पर 6 क्रूज़ मिसाइलें तैनात की गयी हैं। (AK)
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