आतंकवाद की बलि चढ़ने वाले ईरान ने अमरीकी रिपोर्ट को निरर्थक बताया
तेहरान ने आतंकवादी गुटों के समर्थक देशों की सूचि में ईरान का नाम रखने के अमरीकी क़दम को निरर्थक बताया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन जाबिरी अंसारी ने साप्ताहिक प्रेस कान्फ़्रेंस में कहा कि ईरान के ख़िलाफ़ अमरीकी रिपोर्ट, तेहरान की नज़र में निरर्थक है जो हर साल सैद्धांतिक निर्देश के तौर पर पेश की जाती है।
उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट में अमरीकियों ने इस स्पष्ट वास्तविकता को नज़रअंदाज़ किया कि ईरान ख़ुद दुनिया में आतंकवाद की बलि चढ़ा है। जाबिरी अंसारी ने कहा कि ईरान, आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष में अबतक 17000 लोगों की क़ुर्बानी दे चुका है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के ख़िलाफ़ आतंकवादी कृत्य करने वाले गुटों को पश्चिमी देशों, ख़ासतौर पर अमरीका का समर्थन हासिल रहा है।
हुसैन जाबिरी अंसारी ने जेसीपीओए के लागू होने में पश्चिमी देशों की ओर से वादा पूरा न करने और इस संदर्भ में ईरान के संयम की ओर इशारा करते हुए कहा, जेसीपीओए के संबंध में तेहरान की नीति, विदेश नीति के मूल सिद्धांतों व योजनाओं के अनुसार देश के हितों को सुनिश्चित करना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसी प्रकार ईरान और जनरल क़ासिम सुलैमानी के ख़िलाफ़ सऊदी अरब के हालिया आरोपो तथा इराक़ के फ़ल्लूजा शहर में सुन्नी संप्रदाय के कथित जनसंहार के षड्यंत्र के रहस्योद्घाटन के बारे में कहा कि सऊदी अरब, वर्षों से आतंकवाद को हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।
उन्होंने क्षेत्र में आतंकवादी गुटों को सऊदी अरब की ओर से पैसे व रसद पहुंचाए जाने की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस क़दम से ज़ाहिरी तौर पर सऊदी अरब जैसे देशों को फ़ायदा पहुंच सकता है लेकिन यह फ़ायदा ज़्यादा समय तक नहीं रहेगा क्योंकि देर-सवेर, स्वयं सऊदी अरब और आतंकवाद के समर्थक दूसरे अन्य देश आतंकवाद के निशाने पर होंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन जाबिरी अंसारी ने कहा कि आज बहुत से वैचारिक व मीडिया हल्क़े इस वास्तविकता को समझ चुके हैं कि क्षेत्र सहित दुनिया की समस्याओं के बड़े भाग के पीछे, सऊदी अरब द्वारा आतंकवाद को हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल करने की नीति है।(MAQ/N)