क्या पश्चिम के प्रतिबंध ईरान की परमाणु प्रगति में बाधा बने हैं?
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क्या पश्चिम के प्रतिबंध ईरान की परमाणु प्रगति में बाधा बने हैं?
पार्सटुडे- परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी के महानिदेशक राफ़ाएल ग्रोसी ने ग्लूमबर्ग न्यूज़ चैनल से वार्ता करते हुए स्वीकार किया है कि पश्चिम के प्रतिबंध ईरान के परमाणु कार्यक्रम की प्रगति व विस्तार में बाधा नहीं बने हैं।
किन्तु किस प्रकार?
ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के विरुद्ध पश्चिम के प्रतिबंध वर्ष 1979 में इस्लामी क्रांति के सफ़ल होने के बाद से आरंभ हुए
अमेरिका और पश्चिमी देशों ने तेहरान के ख़िलाफ़ भारी प्रतिबंध लगाकर ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के मार्ग में बाधा बनने व उत्पन्न करने का प्रयास किया किन्तु ईरान ने घरेलू वैज्ञानिकों की क्षमताओं व योग्यताओं पर भरोसा करके ध्यानयोग्य प्रगति की है।
हैवी वाटर की दृष्टि से ईरान का विश्व में पहला स्थान है।
परमाणु उपलब्धियों की दृष्टि से विश्व में ईरान का पांचवां स्थान है।
परमाणु ज्ञान के क्षेत्र में ईरान दुनिया के बेहतरीन पांच देशों में शामिल
परमाणु संयंत्रों की दृष्टि से ईरान विश्व का 32वां देश
परमाणु ईंधन चक्र तकनीक से संपन्न होने की दृष्टि से ईरान दुनिया के गिने-चुने देशों में
परमाणु रासायनिक उत्पादन की दृष्टि से ईरान विश्व के 15 देशों में शामिल
पश्चिम के प्रतिबंधों के बावजूद यह ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के क्षेत्र में मिलने वाली कुछ कामयाबियां व उपलब्धियां हैं। MM