सरदार शरीफ़: ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ वैश्विक जागरुकता पैदा हुई है
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ईरान में क़ुद्स दिवस की केंद्रीय समिति के प्रमुख, सरदार रमज़ान शरीफ़
पार्सटुडे- ईरान में क़ुद्स दिवस की केंद्रीय समिति के प्रमुख ने कहा: ग़ाज़ा में दसियों हज़ार निर्दोष लोगों के नरसंहार ने विश्व की जनता को जागृत कर दिया है और आज राष्ट्र ज़ायोनी शासन के वास्तविक चरित्र को पहले से कहीं अधिक समझ गए हैं।
पार्सटुडे के अनुसार ईरान में क़ुद्स दिवस की केंद्रीय समिति के प्रमुख सरदार रमज़ान शरीफ़ ने कहा: इस वर्ष हम 22 मार्च को छियालीसवाँ अंतर्राष्ट्रीय क़ुद्स दिवस मार्च आयोजित करेंगे। उन्होंने यह मुद्दा उठाते हुए कि इमाम ख़ुमैनी (रह) ने 47 वर्ष पहले ज़ायोनी शासन को कैंसर की संज्ञा दी थी और अब पूरी दुनिया इसे समझ गई है, कहा: दो वर्ष से भी कम समय में ग़ाज़ा में दसियों हज़ार निर्दोष लोग ज़ायोनी शासन द्वारा शहीद कर दिए गए और 200 हज़ार से अधिक लोग विकलांग और घायल हो गए।
सरदार शरीफ़ ने ज़ायोनी शासन द्वारा ग़ज़ा में हज़ारों स्कूलों, अस्पतालों और घरों के विनाश का उल्लेख करते हुए कहा: अब दुनिया पहले से कहीं अधिक ज़ायोनी शासन की वास्तविकता को समझ गई है और पूरी दुनिया में एक जागृति पैदा हुई है जो बहुमूल्य है और यह तूफ़ान अल-अक़्सा के बाद उभर कर आई है।
ईरान में क़ुद्स दिवस की केंद्रीय समिति के प्रमुख ने कहा: ज़ायोनी शासन के मीडिया के प्रचार-प्रसार को छोड़ दें तो उन सभी विशेषज्ञों ने जिन्होंने इस शासन की क्षमताओं की जांच की है वे मानते हैं कि इस शासन पर बहुत कठिन परिस्थितियाँ थोप दी गई हैं। mm