अराक़ची: अमेरिका और बहरैन सुरक्षा परिषद का दुरुपयोग कर रहे हैं
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ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराक़ची
पार्स टुडे – ईरान के विदेश मंत्री ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति पर अमेरिका और बहरैन द्वारा प्रस्तुत एकतरफा और उत्तेजक प्रस्ताव के खिलाफ़ एक पत्र में पत्र में आक्रोश जताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी पर जोर दिया कि वह आक्रामकों को सुरक्षा परिषद का उनके अवैध कार्यों को सही ठहराने के लिए एक उपकरण के रूप में दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दे।
पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार इस्लामी गणराज्य ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराक़ची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश, चीन के विदेश मंत्री वांग यी, संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि तथा सुरक्षा परिषद के महीने के अध्यक्ष फू काँग और संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को संबोधित एक पत्र में लिखा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की वर्तमान स्थिति सीधे और विशेष रूप से अमेरिका और सियोनी शासन के ईरान के खिलाफ आक्रामक, अनुचित और अवैध युद्ध का परिणाम है।
उन्होंने लिखा: 'अमेरिका और बहरैन के मसौदे का वास्तविक उद्देश्य मैदान में मौजूद वास्तविकताओं को विकृत करना और फार्स की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के खिलाफ़ अमेरिका के पिछले और वर्तमान अवैध कार्यों को सही ठहराना है; एक ऐसा क्षेत्र जो अमेरिकी तटों से हज़ारों मील दूर स्थित है।'
उन्होंने कहा: अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अनुमति नहीं देनी चाहिए कि सुरक्षा परिषद का दुरुपयोग आक्रामकों द्वारा किया जाए या यह उनके अवैध कार्यों को वैधता प्रदान करने का एक साधन बन जाए।
अराक़ची ने जोर देकर कहा: अधिकतम सतर्कता बरतना आवश्यक है ताकि अंतरराष्ट्रीय कानून के स्थापित नियमों और सिद्धांतों को विकृत करने के किसी भी प्रयास को रोका जा सके, जिससे आक्रामकता या बल के अवैध उपयोग को उचित ठहराया जा सके।
उन्होंने कहा: इस मसौदे के प्रस्तोता, एक चयनात्मक और पक्षपातपूर्ण विवरण प्रस्तुत करके, अंतरराष्ट्रीय कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं, और साथ ही अमेरिका द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानून के घोर उल्लंघनों को नजरअंदाज कर रहे हैं। यह मसौदा अमेरिका द्वारा युद्धविराम के बार-बार उल्लंघनों को भी नज़रअंदाज करता है जिसमें अवैध नौसैनिक नाकाबंदी और ईरानी जहाजों पर हमला तथा उन्हें ज़ब्त करना शामिल है। mm