आयतुल्लाह ख़ातमी: "सम्मानजनक वार्ता" ईरानी जनता की मुख्य माँग है
पार्स टुडे – तेहरान के जुमे के ख़तीब ने वार्ता में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया: ईरानी जनता की मुख्य माँग, जो लगभग 70 दिनों से मैदान में मौजूद है, एक सम्मानजनक वार्ता तक पहुँचना है।
पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार तेहरान के जुमे के ख़तीब आयतुल्लाह सैय्यद अहमद ख़ातमी ने तेहरान की जुमे की नमाज़ के धार्मिक-राजनीतिक ख़ुत्बे में ईरानी जनता के लगभग 70 दिनों से मैदान में मौजूद रहने का ज़िक्र करते हुए इस स्थिरता का श्रेय जिहादी संस्कृति को दिया, जो उन्होंने इस्लाम के सम्मानित पैगंबर (सल्ल.) से सीखी है।
उन्होंने पाकिस्तान के माध्यम से वार्ता के संबंध में आदान-प्रदान किए गए संदेशों का हवाला देते हुए इस क्षेत्र में किए गए प्रयासों को सराहनीय बताया और कहा: जो लोग लगभग 70 दिनों से मैदान में हैं, उनकी मुख्य माँग सम्मानजनक वार्ता तक पहुँचना है।
उन्होंने ईरान की वार्ता टीम को संबोधित करते हुए ज़ोर देकर कहा: इन वार्ताओं के दौरान अपने मूल सिद्धांतों और मौलिक रुख से ज़रा भर पीछे न हटें।
तेहरान के जुमे के ख़तीब ने दुश्मनों द्वारा संचालित मनोवैज्ञानिक युद्ध की ओर इशारा करते हुए कहा: मनोवैज्ञानिक युद्ध संघर्ष का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और दुश्मन इसका उपयोग मनोबल गिराने और निराशा फैलाने के लिए करते हैं। लोगों को सतर्क रहना चाहिए क्योंकि दुश्मन आपको थका हुआ दिखाना चाहते हैं और झूठी ख़बरें व गलत विश्लेषण फैलाते हैं इसलिए उनकी बातों पर ध्यान न दें।
उन्होंने कहा: दुश्मन राष्ट्र के बीच मतभेद और फूट पैदा करना चाहते हैं लेकिन ईश्वर का लाख-लाख शुक्र है कि ईरान के लोगों और अधिकारियों के बीच पूर्ण एकता बनी हुई है। mm