निकज़ाद: हुर्मुज़ जलडमरूमध्य सैन्य अभियान से नहीं खुलेगा
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पार्स टुडे – ईरानी संसद मजलिसे शुराये इस्लामी के उपाध्यक्ष ने इस बात पर जोर देते हुए कि हालिया युद्ध ने दिखा दिया कि विजय राष्ट्रों की इच्छाशक्ति से मिलती है न कि आधुनिक उपकरणों से, कहा: हुर्मुज़ जलडमरूमध्य सैन्य अभियान से नहीं खुलेगा।
(last modified 2026-05-12T10:01:25+00:00 )
May १२, २०२६ १५:०८ Asia/Kolkata
  • निकज़ाद: हुर्मुज़ जलडमरूमध्य सैन्य अभियान से नहीं खुलेगा

पार्स टुडे – ईरानी संसद मजलिसे शुराये इस्लामी के उपाध्यक्ष ने इस बात पर जोर देते हुए कि हालिया युद्ध ने दिखा दिया कि विजय राष्ट्रों की इच्छाशक्ति से मिलती है न कि आधुनिक उपकरणों से, कहा: हुर्मुज़ जलडमरूमध्य सैन्य अभियान से नहीं खुलेगा।

पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार ईरानी संसद मजलिसे शुराये इस्लामी के उपाध्यक्ष अली निकज़ाद ने ईरान के सशस्त्र बलों और सभी सैन्य एवं सुरक्षा सेनानियों की सराहना करते हुए, जो दुश्मनों को कुचलने के लिए शक्तिशाली भुजाएँ हैं, कहा: आज इन संघर्षों की बरकत से ईरानी राष्ट्र के इतिहास का एक नया अध्याय शुरू हुआ है।

 

पवित्र इस्लामी व्यवस्था ने महाशक्ति होने के दावेदार अमेरिका, ज़ायोनी कब्ज़ाधारी शासन और उनके क्षेत्रीय अमेरिकापरस्त अनुयायियों को एक रणनीतिक हार और पागल कर देने वाले दलदल में धकेल दिया है। अपराधी अमेरिका ने ग़लत गणना करके सोचा था कि वह ईरान को निगल सकता है लेकिन उसे 'ईरानी राष्ट्र' नामक एक बड़े बांध का सामना करना पड़ा और उसने उनसे एक करारा थप्पड़ खाया।

 

उन्होंने कहा: आज अमेरिका का शापित राष्ट्रपति और उनका क्षेत्रीय पागल कुत्ता एक ऐसी गतिरोध में फंस गए हैं कि महान ईरानी राष्ट्र की इच्छा के आगे समर्पण किए बिना वे किसी भी निकास द्वार का उपयोग नहीं कर सकते। हमारे सशस्त्र बलों ने इस युद्ध में संयुक्त राज्य अमेरिका की शैक्षिक और प्रशिक्षण प्रणाली की कमियों को पूरा कर दिया और उन्हें इतिहास और भूगोल के कई पाठ पढ़ा दिए, ताकि वे समझ सकें कि कई हज़ार साल पुरानी सभ्यता के उत्तराधिकारियों और हुसैनी विचारधारा के अनुयायियों को बम और मिसाइलों से पराजित नहीं किया जा सकता। उन्हें इस राष्ट्र का इतिहास पढ़ना चाहिए और एक बार फिर इस क्षेत्र के भूगोल से परिचित होना चाहिए ताकि वे अपनी हार स्वीकार कर सकें।

 

निकज़ाद ने इस बात पर जोर देते हुए कि शक्ति का एक नया वैश्विक क्रम आकार ले चुका है और दुनिया को यह स्वीकार करना होगा कि उसका सामना एक ऐसी वैश्विक ताकत से है जो किसी भी दबाव के आगे झुकती नहीं है, स्पष्ट किया: हुर्मुज़ जलडमरूमध्य ईरानी राष्ट्र की सभ्यता के कारण वर्षों से तुम्हारे उपयोग में था। यह तुम ही थे जिन्होंने युद्ध भड़काया और आज तुम्हें इस सामरिक जलमार्ग के नए क्रम की आदत डालनी होगी। यह जलडमरूमध्य सैन्य अभियान से नहीं खुलेगा। mm