ग़रीबाबादी: ईरान यूरोप के पाखंडी प्रतिबंधों को कोई महत्व नहीं देता
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पार्स टुडे – इस्लामिक गणराज्य ईरान के विदेश मंत्रालय के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप मंत्री ने जोर देकर कहा: तेहरान यूरोप के पाखंडी प्रतिबंधों को कोई अहमियत नहीं देता।
(last modified 2026-06-09T11:01:46+00:00 )
Jun ०९, २०२६ १६:२८ Asia/Kolkata
  • काज़िम ग़रीबाबादी – ईरान के विदेश मंत्रालय के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप मंत्री
    काज़िम ग़रीबाबादी – ईरान के विदेश मंत्रालय के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप मंत्री

पार्स टुडे – इस्लामिक गणराज्य ईरान के विदेश मंत्रालय के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप मंत्री ने जोर देकर कहा: तेहरान यूरोप के पाखंडी प्रतिबंधों को कोई अहमियत नहीं देता।

पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के विदेश मंत्रालय के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप मंत्री काज़िम ग़रीबाबादी ने कहा: आज यूरोपीय संघ की परिषद ने एक धोखेबाज कदम उठाते हुए, कथित तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित ईरान के कुछ व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए।

 

उन्होंने आगे कहा: यह उस समय हो रहा है जब संघ के सदस्य देश स्वयं ईरानी जनता के अधिकारों के बड़े उल्लंघनकर्ता हैं और संघ ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी के मामले में, जो कि एक युद्धोन्मादी कार्रवाई मानी जाती है, जानबूझकर मौन साधे रखा है!

 

ईरान के विदेश मंत्रालय के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप मंत्री ने कहा: मुझे यह बताना चाहिए कि ईरान समुद्री कानून कन्वेंशन (UNCLOS) का सदस्य नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा जिस कानूनी व्यवस्था पर जोर दिया जाता है, वह प्रथागत अंतर्राष्ट्रीय कानून और तटीय राज्य की सुरक्षा एवं समुद्री सुरक्षा संबंधी चिंताओं के पालन पर आधारित 'हानिरहित मार्ग' (Innocent Passage) है।

 

ग़रीबाबादी ने स्पष्ट किया: ईरान, यूरोप के इस राजनीतिक और पाखंडी कदम को कोई मूल्य नहीं देता और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता तथा संप्रभु अधिकारों के प्रयोग के संबंध में अपनी रणनीति जारी रखेगा। mm