राष्ट्रपति पेज़िश्कियान: दुश्मन ईरानी लोगों की एकता के कारण हार गया
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राष्ट्रपति पेज़िश्कियान: दुश्मन ईरानी लोगों की एकता के कारण हार गया
पार्सटुडे – ईरान के राष्ट्रपति ने कहा: दुश्मनों ने गणना की थी कि अशांति पैदा करके और ईरान पर एक बड़ा हमला करके वे देश को पतन (विघटन) की ओर धकेल सकते हैं – लेकिन समाज में मौजूद एकता और अखंडता के कारण, ऐसा नहीं हुआ।
पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति मसऊद पिज़िश्कियान ने मंगलवार रात ईरान के कुछ गौरवान्वित किशोरों और युवाओं के साथ बैठक में, विभाजन और फूट पैदा करने के दुश्मनों के लक्ष्यों का जिक्र करते हुए कहा: "आज युद्धों का स्वरूप बदल गया है। दुश्मनों ने महसूस किया है कि सैन्य माध्यम से वे ईरानी राष्ट्र को आत्मसमर्पण या हरा नहीं सकते – इसलिए, उन्होंने सामाजिक मुद्दे और आर्थिक असंतोष पैदा करने पर ध्यान केंद्रित किया है, ताकि इसके माध्यम से ईरान को अशांति (अराजकता) में धकेल सकें।"
यह कहते हुए कि आर्थिक दबाव बनाना ईरान को आत्मसमर्पण (सरेंडर) कराने के लिए अमेरिका और दुश्मनों की एक रणनीति है, उन्होंने स्पष्ट किया: "हमें समस्याओं के सामने घुटने नहीं टेकने चाहिए और न ही आत्मसमर्पण करना चाहिए। हमें समस्याओं से निपटने का रास्ता खोजना चाहिए – और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से, हम ईरान का पुनर्निर्माण (पुनः विकास) करेंगे।"
मसऊद पिज़िश्कियान ने याद दिलाया कि दुश्मनों ने गणना की थी कि देश में अशांति (अराजकता) पैदा करके और उसके बाद एक बड़ा हमला करके, वे कुछ ही दिनों में ईरान को पतन (विघटन) की ओर धकेल सकते हैं – लेकिन उन्होंने कहा: "समाज के भीतर मौजूद एकता और अखंडता के कारण, ऐसा नहीं हुआ।"उन्होंने कहा: "अब भी, हमें एक-दूसरे के सहयोग और सहानुभूति (एकजुटता) की आवश्यकता है – और प्रतिभाशाली लोग (एलाइट्स) और शिक्षाविद (अकादमिक) इस क्षेत्र में केंद्रीय भूमिका निभा सकते हैं।" (AK)
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