क़ालीबाफ़: ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिकी आर्थिक नाकेबंदी बेनतीजा रहेगी
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क़तर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुर्रहमान आले सानी, ईरान के संसद सभापति मोहम्मद बाक़िर क़ालिबाफ़ से मुलाक़ात करते हुए
पार्स टुडे – ईरान की इस्लामी सलाहकार सभा के अध्यक्ष ने क़तर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ बैठक में अमेरिका द्वारा इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के कार्यान्वयन में अपनी प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन और ईरान की आर्थिक नाकेबंदी की योजना का उल्लेख करते हुए कहा: "वाशिंगटन का ईरान के ख़िलाफ़ आर्थिक दबाव बेनतीजा रहेगा, और ईरानी राष्ट्र गर्व के साथ अपने अधिकार वापस लेगा।"
पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, क़तर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुर्रहमान आले सानी,, जो तेहरान की यात्रा पर आए थे, ने ईरान की संसद मजलिसे शूराए इस्लामी के संसद सभापति मोहम्मद बाक़िर क़ालिबाफ़ से मुलाक़ात और बातचीत की।
इस बैठक में, क़ालिबाफ़ ने इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के कार्यान्वयन में अमेरिकी वादों के उल्लंघन का उल्लेख किया – जिसमें क़तर भी मध्यस्थों में से एक रहा है – और कहा: "ट्रंप प्रशासन गलत सूचना के आधार पर गलत निर्णय लेता है, और ऐसी गलत गणनाओं के साथ, वह न केवल अमेरिका के अपने वित्तीय, सैन्य और मानव संसाधनों को बर्बाद कर रहा है और क्षेत्र का भविष्य दांव पर लगा रहा है, बल्कि वह ईरानी राष्ट्र के हितों को भी निशाना बना रहा है और क्षेत्र में व्यापक असुरक्षा पैदा कर रहा है।"
ईरान की इस्लामी सलाहकार सभा के अध्यक्ष ने इस दुश्मनी का एक नया उदाहरण ईरान के ख़िलाफ़ आर्थिक नाकेबंदी की योजना बताया और कहा: "यह अमेरिकी योजना भी बेनतीजा रहेगी, और ईरानी लोग गर्व के साथ अपने अधिकार वापस लेंगे, और यह अमेरिका ही है जिसे समझौता ज्ञापन के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को लागू करना होगा।"
इस बैठक में, शेख आल थानी ने भी हुर्मुज़ स्ट्रेट में समुद्री आवागमन के मुद्दे पर ईरान और ओमान के बीच समझौते का स्वागत करते हुए कहा: "राजनीतिक विकास की प्रक्रिया क्षेत्र में स्थिरता की वापसी में मदद कर सकती है।"
क़तर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने क्षेत्र में स्थिरता की वापसी के लिए समाधान आगे बढ़ाने में अपने देश के प्रयासों पर ज़ोर दिया। (AK)
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