इराक़ची: विश्व का भविष्य – बहुध्रुवीयता और बहुपक्षवाद की ओर बढ़ रहा है
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ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास इराक़ची
पार्स टुडे – ईरान के विदेश मंत्री ने कहा: "पहले से कहीं अधिक, विश्व का भविष्य – बहुध्रुवीयता और बहुपक्षवाद की ओर बढ़ रहा है – और इसके लिए देशों के बीच अधिक सहयोग और एकजुटता की आवश्यकता है।"
पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास इराक़ची ने – मंगलवार रात SCO शिखर सम्मेलन की समाप्ति के बाद – अपने भाषण में कहा:"हमारे चीन, पाकिस्तान, भारत, तुर्की और कई अन्य देशों के साथ – आर्थिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में – कई द्विपक्षीय मुद्दे हैं।"
"वर्तमान राजनीतिक प्रक्रिया – इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के संबंध में – उन मुद्दों में से एक थी, जिसके बारे में सभी ने प्रश्न पूछे – और यह समझाना आवश्यक था कि कैसे अमेरिका – अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करके – इस्लामाबाद समझौते को उसकी वर्तमान स्थिति में ले आया है।"
इराक़ची ने आगे कहा:"सभी देश कह रहे थे कि इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन – ईरान के लिए एक राजनीतिक जीत रहा है – जैसा कि आपने देखा, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने भी इसका उल्लेख किया है।""ईरान के दृष्टिकोण से – समाधान बहुत सरल है: अमेरिका को – उन प्रतिबद्धताओं का पालन करना चाहिए, जिन पर उन्होंने स्वयं हस्ताक्षर किए हैं – और जिन पर उनके राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर किए हैं। यदि वे इन प्रतिबद्धताओं को पूरा करते हैं – तो ईरान भी अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगा।"
ईरानी कूटनीति के प्रमुख ने कहा:"SCO शिखर सम्मेलन – एक बहुत अच्छा अवसर था – हमने अपने रुख व्यक्त किए, अपने विचारों को स्पष्ट किया, और अपनी सहीता (हक़ानियत) का प्रदर्शन किया।"
उन्होंने आगे कहा:"सौभाग्य से – ईरान के साथ आर्थिक सहयोग की इच्छा – अभी भी मजबूत है – अमेरिका द्वारा लगाए गए सभी आर्थिक दबावों और अन्य देशों को ईरान के साथ सहयोग करने से रोकने के प्रयासों के बावजूद।"
"हमारी अधिकांश वार्ताएँ – उन परियोजनाओं के बारे में थीं, जिन्हें लागू किया जाना चाहिए – और जो सहयोग होना चाहिए – और उनकी बाधाओं – जिनमें धन हस्तांतरण और माल परिवहन से संबंधित मुद्दे शामिल हैं – को दूर करने के बारे में थीं।"
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा:"अब, संगठन के मुख्य सदस्य देशों के अलावा – बड़ी संख्या में अन्य देशों को – 'भागीदार देश' या 'वार्ता भागीदार' के रूप में – जोड़ा गया है – और इन देशों के साथ एक बैठक भी आयोजित की जाती है – जिसे 'SCO प्लस' के रूप में जाना जाता है।"
"हम मुख्य SCO बैठक और SCO प्लस बैठक – दोनों में उपस्थित थे।"
"इन बैठकों में, देशों के नेताओं ने – एकतरफावाद का मुकाबला करने के बारे में – बहुत अच्छे विचार व्यक्त किए – और इस बात पर ज़ोर दिया कि गैर-पश्चिमी देशों को – ऊर्जा, कृषि और अन्य आर्थिक क्षेत्रों में – अपने स्वयं के आर्थिक और राजनीतिक रास्ते खोजने चाहिए – और पश्चिम द्वारा बनाए गए प्रवाहों, संस्थानों और मानदंडों पर पूर्ण निर्भरता से मुक्त होना चाहिए।" (AK)
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