IRGC: अमेरिकी नेता अपने आपराधिक रिकॉर्ड के लिए जवाबदेह हों
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इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC)
पार्स टुडे – IRGC के जनसंपर्क विभाग ने घोषणा की:"अमेरिकी नेता – जो माफी माँगने के बजाय – फिर से झूठ का सहारा ले रहे हैं – और – मीनाब, लामर्द और क़ेश्म (दक्षिणी ईरान) में अपराधों के मामले की तरह – जवाबदेही से बच रहे हैं – उन्हें – दुनिया की जनमत को – विभिन्न देशों में शादियों पर अपने अंधेरे हमलों के बारे में भी जवाब देना चाहिए। क्या ये सभी घटनाएँ – आकस्मिक थीं – और गलती से हुई थीं?"
पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, समाचार एजेंसी इरना के हवाले से – IRGC के जनसंपर्क विभाग ने एक बयान में – घोषणा किया:
"दुनिया के स्वतंत्र राष्ट्रों, ईरान के वीर और वीरतापूर्ण राष्ट्र, अमेरिकी आतंकवादी सेना की CENTCOM कमान – एक अविस्मरणीय युद्ध अपराध में – सिरिक शहर के कुहस्तक के एक सम्माननीय परिवार की शादी समारोह पर – सीधे हवाई हमले से – लोगों की खुशी को शोक में बदल दिया।"
"अमेरिकी आतंकवादी बलों ने – लगभग 70 लोगों को – निशाना बनाया – जिनमें से 4 शहीद हो गए – और 7 घायलों की स्थिति गंभीर बताई गई है।"
"बुधवार रात से – लोगों, मीडिया और दुनिया के स्वतंत्र व्यक्तित्वों – और यहाँ तक कि कुछ अमेरिकी मीडिया की – इस बड़ी बदनामी पर – प्रतिक्रिया के बाद – बाल-हत्यारा सेना और अमेरिकी अपराधी अधिकारियों ने – अपने विभिन्न बयानों और वक्तव्यों में – इस अपराध में इरादे को नकारने की कोशिश की है – और नागरिकों पर हमला न करने का अपना हास्यास्पद दावा दोहराया है – जबकि – इस क्षेत्र में अमेरिकी आतंकवादी सेना की क्रूरता – एक पुराना इतिहास है – और व्हाइट हाउस के नेताओं के माथे से – इस अपराध की बदनामी – कभी नहीं मिटेगी।"
"आज – दुनिया के राष्ट्रों के लिए – यह साबित हो गया है कि – डर और आतंक पैदा करने के लिए नागरिकों पर हमला करना – अमेरिकी बे-ग़ैरत सेना के सिद्धांत (डॉक्ट्रिन) का एक हिस्सा है।"
"अमेरिकी नेता – जो माफी माँगने के बजाय – फिर से झूठ का सहारा ले रहे हैं – और – मीनाब, लामर्द और क़ेश्म में अपराधों के मामले की तरह – जवाबदेही से बच रहे हैं – उन्हें – दुनिया की जनमत को – विभिन्न देशों में शादियों पर अपने अंधेरे हमलों के बारे में भी जवाब देना चाहिए। क्या ये सभी घटनाएँ – आकस्मिक थीं – और गलती से हुई थीं?"
"हमारे पास सैन्य शक्ति है – और मंगलवार रात – खून के प्यासे आतंकवादियों (अमेरिकी बलों) को मारकर – हमने CENTCOM से बदला लिया।"
"अमेरिकी राष्ट्र – यदि वे – इस जंगली, बाल-हत्यारा सेना को नहीं रोकते हैं – तो उन्हें – उस दिन से डरना चाहिए – जब मज़लूमों का बदला आएगा – क्योंकि "मज़लूमों का ज़ालिमों पर दिन – ज़ालिमों के मज़लूमों पर दिन से कहीं अधिक कठोर होता है। (AK)
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