बहरैन के मामले में ईरान का तनिक भी हस्तक्षेप नहीं है, अब्दुल्लाहियान
ईरान के संसद सभापति के विशेष सहायक व पूर्व विदेश सचिव ने कहा है कि बहरैन के मामले में ईरान का तनिक भी हस्तक्षेप नहीं है।
इरना के अनुसार, हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने मंगलवार को बहरैन के वरिष्ठ धर्मगुरु शैख़ ईसा क़ासिम के ख़िलाफ़ मुक़द्दमे की सुनवाई के एलान की प्रतिक्रिया में कहा कि इस महान धर्मगुरु के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा एक दुस्साहसपूर्ण क़दम है।
उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कि ईरान, बहरैन सहित क्षेत्र में प्रजातंत्र, मानवाधिकार की रक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन करता है, कहा कि बहरैन की सरकार ने अगर इतिहास से पाठ न लिया और वह अपनी ग़लती दोहराती रही तो इस बात में शक नहीं कि नुक़सान उठाएगी इसलिए इस देश के शासकों को चाहिए कि दूसरों पर भरोसा करने के बजाए अपनी जनता के बारे में सोचें।
हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि बहरैन के संकट का हाल सिर्फ़ राजनैतिक मार्ग से मुमकिन है, कहा कि शैख़ अली सलमान की ग़ैर क़ानूनी क़ैद से रिहाई, शैख़ ईसा क़ासिम की प्रतिष्ठा का सम्मान और सुरक्षा के नाम पर की जाने वाली कार्यवाहियों का रुकना, बहरैन के संकट के राजनैतिक हल के लिए ज़रूरी पृष्ठिभूमि है। (MAQ/N)