मक्का-मदीना वहाबियों के क़ब्ज़े से आज़ाद हों, आयतुल्लाह किरमानी
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जुमे के इमाम आयतुल्लाह मोहमेमद अली मोवह्हेदी किरमानी
तेहरान के जुमे के इमाम ने कहा है कि ईरानी जनता पिछले साल हज में मिना त्रासदी को कभी नहीं भूलेगी।
तेहरान में जुमे की नमाज़ के विशेष भाषण में आयतुल्लाह मोहम्मद अली मोवह्हेदी किरमानी ने हज महीने के आगमन निकट होने की ओर इशारा करते हुए कहा,“पर्यवेक्षकों के अनुसार, अगर पिछले साल हज के दौरान सऊदी अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए ज़्यादा ज़िम्मेदारी दिखाई होती तो मिना त्रासदी में हज़ारों जानें न जातीं।”
उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कि हज में इस्लाम की शान है, कहा कि इस्लामी जगत को चाहिए कि हज के ज़रिए दुश्मन, फूट डालने वाले व षड्यंत्रकारी तत्वों को अपनी हैसियत पहचनवाए।
उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि अगर हज को हज़रत इब्राहीम के हज की तरह अंजाम दिया जाए तो मुसलमानों की कोई मुश्किल ही नहीं बचेगी, उम्मीद जतायी कि दोनों पवित्र स्थल वहाबियों के क़ब्ज़े से आज़ाद हों ताकि मुसलमान पूरी सुरक्षा के साथ हज कर सकें और इस्लाम के दुश्मनों से अपनी घृणा व्यक्त कर सकें।
आयतुल्लाह किरमानी ने आले सऊद शासन को अमरीका के पिट्ठु की संज्ञा दी जो मुसलमानों को हज करने नहीं दे रहा है।
उन्होंने इस भाषण में ईरान में हालिया वर्षों में रक्षा उद्योग के क्षेत्र में हुयी प्रगति की ओर इशारा करते हुए इस्लामी गणतंत्र के सशस्त्र बल की इस बात के लिए सराहना की कि उन्होंने वरिष्ठ नेता के देश की रक्षा व आक्रमक क्षमता को बढ़ाने से संबंधित निर्देष का पालन किया।
आयतुल्लाह मोवह्हेदी किरमानी ने कहा कि ऐसी स्थिति में कि जब वर्चस्ववादी शक्तियां बिना किसी संकोच के देशों पर अतिक्रमण और बेगुनाह लोगों का जनसंहार कर रही हैं, रक्षा व आक्रमक क्षमता बढ़ाना इस्लामी गणतंत्र ईरान का मूल अधिकार है।(MAQ/N)