ईरान और फ़्रांस ने जेसीपीओए के क्रियान्वयन पर बल दिया
ईरान और फ़्रांस के राष्ट्रपतियों ने संयुक्त समग्र कार्य योजना के पूर्ण क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया है।
संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के वार्षिक अधिवेशन के अवसर पर राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी और फ़्रांस के राष्ट्रपति के मध्य होने वाली इस मुलाक़ाता में परस्पर रूचि के मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया।
राष्ट्रपति रूहानी ने इस बात पर बल दिया कि समग्र परमाणु समझौते को कमज़ोर न होने दिया जाए और समझौते के समस्त पक्ष इसके क्रियान्वयन पर कटिबद्ध रहें। उन्होंने कहा कि यह बात कदापि स्वीकार नहीं की जा सकती कि कोई भी देश परमाणु समझौते के क्रियान्वयन के मार्ग में रुकावटें पैदा करके अपनी मांगें दुनिया पर थोपने का प्रयास करे।
राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि लंबी वार्ताओं के परिणाम स्वरूप होने वाले इस समझौते के लाभ, क्षेत्र के राष्ट्रों, कंपनियों और पूरे क्षेत्र तक पहुंचने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोपीय सेनाओं को इस संबंध में अपनी भूमिका अदा करनी होगा और उन्हें अपने देश के बैंकों और बीमा कंपनियों को ईरान के साथ वित्तीय सहयोग के उद्देश्य से आवश्यक गैरेंटी और विश्वास देना चाहिए।
राष्ट्रपति रूहानी ने क्षेत्र में जारी आतंकवाद पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इस अभिशाप की समाप्ति के उद्देश्य से समस्त देशों के मध्य सहयोग और समन्वय को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि ईरान आतंकवाद और चरमपंथ से मुक़ाबला करने के लिए फ़्रांस के साथ हर संभव सहयोग करने के लिए तैयार है।
इस मुलाक़ात में फ़्रांस के राष्ट्रपति फ़्रांसवा ओलांद ने कहाकि उनका देश ईरान के साथ समस्त क्षेत्रों में सहयोग विस्तृत करना चाहता है। उन्होंने कहा कि पेरिस और तेहरान के मध्य सहयोग में विस्तार के लिए समग्र परमाणु समझौते से भरपूर लाभ उठाने की आवश्यकता है। फ़्रांस के राष्ट्रपति ने क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि आतंकवाद के सफ़ाए के लिए त्वरित व प्रभावी कार्यवाही की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ईरान की प्रभावी भूमिका के दृष्टिगत फ़्रांस, ईरान के साथ सहयोग के लिए तैयार है। (AK)