देश की सेना, इस्लामी मूल्यों की रक्षक हैः इमामी काशानी
आयतुल्लाह इमामी काशानी ने कहा है कि देश की सशस्त्र सेना, इस्लामी मूल्यों की सुरक्षा के परिप्रेक्ष्य में आगे बढ़ रही है।
तेहरान में जुमे की नमाज़ के ख़ुत्बे में आयतुल्लाह काशानी ने पवित्र प्रतिरक्षा के दौरान ईरान की सेना की वीरता और साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में ईरान में जो शांति एवं सुरक्षा स्थापित है वह देश की सशस्त्र सेना के अथक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सेना ने देश में शांति एवं सुरक्षा स्थापित रखने और ईरान की संप्रभुता की सुरक्षा में उल्लेखनीय योगदान किया है।
आयतुल्लाह इमामी काशानी ने इस बात का उल्लेख किया कि इस समय इस्लामी देश, आतंकवाद का समर्थन करने वाले कुछ अरब और पश्चिमी देशों के षडयंत्रों का शिकार हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमान राष्ट्रों को इन षडयंत्रों के सामने झुकना नहीं चाहिए बल्कि तकफ़ीरी विचारधारा से निपटने के लिए उन्हें संयुक्त होकर गंभीरता से काम करना चाहिए।
तेहरान के इमामे जुमा ने सभी इस्लामी देशों को संबोधित करते हुए कहा कि सऊदी अरब यह प्रयास कर रहा है कि आतंकवादी गुटों का समर्थन करते हुए क्षेत्र में ज़ायोनियों और अमरीकियों की अवैध नीतियों को लागू किया जाए। आयतुल्लाह काशानी ने "विलायते फ़क़ीह" को इस्लामी जगत की आशा का स्रोत बताते हुए कहा कि वह समस्याओं के समाधान में सक्षम है।
आयतुल्लाह काशानी ने आशा व्यक्त की है कि ईरान सहित समस्त इस्लामी देश, शांति एवं सुरक्षा की छाया में जीवन व्यतीत करते हुए प्रगति के मार्ग पर अग्रसर रहें।