इस्राईल व सऊदी अरब के हथियारों पर ईरान की आपत्ति
संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के प्रतिनिधि ने मध्यपूर्व के क्षेत्र विशेष कर सऊदी अरब और ज़ायोनी शासन को हथियार भेजने के कुछ देशों के क़दम की ओर से सचेत किया है।
ग़ुलाम हुसैन दहक़ानी ने ज़ायोनी शासन के परमाणु ख़तरों का उल्लेख करते हुए इस अवैध शासन के परमाणु निरस्त्रीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। इसी तरह उन्होंने सऊदी अरब को निरंतर आक्रामक हथियारों की आपूर्ति पर रोक लगाए जाने की मांग की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा की निरस्त्रीकरण व अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की वार्षिक बैठक में कहा कि ईरान, क्षेत्र में इस प्रकार के विध्वंसक हथियारों के ख़तरनाक परिणामों की ओर से चिंतित है।
दहक़ानी ने यमन में आले सऊद के अपराधों की ओर संकेत करते हुए, इस देश को हथियार देने वाले देशों से मांग की कि वे अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों के प्रति अपनी कटिबद्धताओं का पालन करें और सऊदी अरब को हथियार देना बंद करें। उन्होंने कहा कि ज़ायोनी शासन, मध्यपूर्व में एनपीटी के सदस्य देशों की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा ख़तरा है। (HN)