मिस्र की ओर से ईरान के साथ संबंध बढ़ाने पर ज़ोर
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मिस्री सांसद ने तेहरान-क़ाहेरा के बीच संबंध बहाल होने पर बल दिया है।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Nov १२, २०१६ १६:४० Asia/Kolkata
  • मिस्र की ओर से ईरान के साथ संबंध बढ़ाने पर ज़ोर

मिस्री सांसद ने तेहरान-क़ाहेरा के बीच संबंध बहाल होने पर बल दिया है।

हैसम अबुलइज़ अलहरीरी ने तस्नीम न्यूज़ से बातचीत में बल दिया कि ईरान एक इस्लामी और क्षेत्र का महत्वपूर्ण देश है, इसलिए क्षेत्र में शांति और क्षेत्रीय संकट के न्यायपूर्ण समाधान के लिए तेहरान-क़ाहेरा संबंध में बेहतरी आनी चाहिए।

अलहरीरी ने कहा कि ईरान और मिस्र के बीच संबंध बहाली से अरब जगत में सुरक्षा व स्थिरता आएगी और साथ ही अरब देशों को बांटने की अमरीका की चाल भी नाकाम हो जाएगी।  उन्होंने कहा कि इस बात में शक नहीं कि अगर ईरान, मिस्र, तुर्की और क़तर के बीच बातचीत हो, तो इसका क्षेत्र की सुरक्षा व स्थिरता पर सार्थक असर पड़ेगा।

मिस्र के सांसद ने कहा कि ज़ायोनी शासन ही अरब जगत में आतंकवाद का सबसे बड़ा समर्थक है और उसका लक्ष्य मिस्र को कमज़ोर करना है इसलिए ईरान जैसे बड़े इस्लामी देशों से कूटनैतिक संबंध रखना क़ाहेरा की प्राथमिता है।

हैसम अलहरीरी ने अमरीका में राष्ट्रपति पद के चुनाव में डॉनल्ड ट्रम्प की जीत की समीक्षा में कहा कि मिस्र, हिलेरी क्लिंटन के हारने से अप्रसन्न नहीं है, लेकिन ट्रम्प की जीत से अप्रसन्न है क्योंकि ट्रम्प इस्लाम विरोधी भावना रखते हैं। उन्होंने कहा कि मिस्र और ट्रम्प के दृष्टिकोण के बीच संयुक्त बिन्दु नहीं है। (MAQ/N)