ईरान पर आरोप लगाने से पहले ज़ायोनी शासन अपने गरेबान में झांके
संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के उप स्थाई राजदूत ने ईरान के विरुद्ध ज़ायोनी शासन के दावों को घिसा पिटा, झूठा और निराधार बताया है।
प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, ग़ुलाम हुसैन दहक़ानी ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव और सुरक्षा परिषद के प्रमुख को अलग-अलग पत्र लिखकर ईरान के विरुद्ध ज़ायोनी शासन के दावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सुरक्षा परिषद को दी गयी नई सूचनाओं पर आधारित ज़ायोनी प्रतिनिधि का दावा, हमेशा की भांति निराधार और इसको सिद्ध करने का कोई प्रमाण नहीं है।
ग़ुलाम हुसैन दहक़ानी ने कहा कि सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करने पर आधारित ईरान के विरुद्ध किया जाने वाला दावा, उस शासन की ओर से किया गया है जिसने निर्लज्जता से पिछले दशकों के दौरान अपने अतिग्रहण की निंदा में सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के प्रस्तावों का अनादर किया है।
श्री ग़ुलाम हुसैन दहक़ानी ने अतिग्रहणकारी और अपराधी ज़ायोनी शासन को धोखेबाज़ और धूर्त शासन बताया और कहा कि इस शासन ने कई दश्क से फ़िलिस्तीनियों की धरती का अतिग्रहण कर रखा है और मानवाधिकारों का घोर हनन कर रहा है और महिलाओं व बच्चों सहिहत फ़िलिस्तीनी नागरिकों का जनसंहारक र रहा है और अब ईरान पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप लगा रहा है।