हिंसा और दाइश विदेशी शक्तियों के हस्तक्षेप के परिणाम हैंः वरिष्ठ नेता
वरिष्ठ नेता ने पश्चिम एशियाई देशों में हिंसक झड़पों और दाइश जैसे आतंकवादी गुट के अस्तित्व को कुछ शक्तियों के हस्तक्षेप का परिणाम बताया।
22 नवंबर को तेहरान दौरे पर आए स्लोवेनिया के राष्ट्रपति बारूत पाखोर ने वरिष्ठ नेता से भेंट की जिसमें वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने क्षेत्र की दर्दनाक घटनाओं और कुछ शक्तियों की ओर से राष्ट्रों पर थोपे गये युद्ध और अस्थिरता की ओर संकेत किया और बल देकर कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान स्वाधीन देशों से हमेशा यह कहता रहा है कि वे राष्ट्रों पर दबाव से निपटने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाये न कि मूक दर्शक बने रहें।
वरिष्ठ नेता ने पश्चिम एशियाई देशों में हिंसक झड़पों और दाइश जैसे आतंकवादी गुट के अस्तित्व को कुछ शक्तियों के हस्तक्षेप का परिणाम बताया।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि सभी देशों का यह कर्तव्य है कि वे इन झड़पों की आग को बुझाने में अपनी भूमिका निभायें और इस्लामी गणतंत्र ईरान भी कुछ वर्चस्ववादी शक्तियों के दुष्प्रचार के विपरीत इस उद्देश्य के लिए सक्रिय है, परंतु दूसरे देशों के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता।
ईरान की इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने दाइश के ख़िलाफ़ अमरीकी गठजोड़ को विफल बताया और कहा कि दाइश को जड़ से समाप्त करने के लिए अमरिकियों के पास कोई कार्यक्रम नहीं है और दाइश के संबंध में वे ऐसा रवैया अपनाना चाहते हैं कि इस समस्या का समाधान हुए बिना वह इराक़ या सीरिया में बनी रहे।
उन्होंने यमन पर सऊदी अरब के 20 महीने से जारी हमले और यमन की मूल रचनाओं की तबाही को भी क्षेत्र की मौजूदा कटु घटनाओं में गिनवाते हुए कहा कि स्वाधीन सरकारों को इन घटनाओं से निपटना चाहिए, क्योंकि एक राष्ट्र की पीड़ा वास्तव में पूरी मानवता की पीड़ा के समान है।
अमेरिकी जिस दृष्टिकोण से पश्चिम को देखते हैं वह इस बात का कारण बना है कि यूरोपीय देश अपने हितों को अमेरिकी नीतियों व लक्ष्यों के परिप्रेक्ष्य में देखें और इस विषय ने यूरोपीय देशों की स्वाधीनता पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है और आज यूरोपीय देश विभिन्न परिवर्तनों के संबंध में मूक दर्शक बने हुए हैं।
पश्चिम की इस नीति पर आपत्ति जताई जा रही है और इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में संकट विस्तृत हो गया है। उदाहरण स्वरूप पश्चिम विशेषकर अमेरिका सीरिया संकट के समाधान पर बल देता है और व्यवहारिक रूप में वह इस देश में संकट को अधिक जटिल करने और दाइश जैसे विभिन्न आतंकवादी गुटों को बनाने के लिए भूमि प्रशस्त करता है। MM