अमेरिका का एकपक्षीय प्रतिबंध परमाणु समझौते का उल्लंघन है
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ईरान अंतरराष्ट्रीय समझौतों के प्रति कटिबद्ध रहा है परंतु उसने स्वयं को हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार कर रखा है।  
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec ०२, २०१६ १०:४२ Asia/Kolkata
  • अमेरिका का एकपक्षीय प्रतिबंध परमाणु समझौते का उल्लंघन है

ईरान अंतरराष्ट्रीय समझौतों के प्रति कटिबद्ध रहा है परंतु उसने स्वयं को हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार कर रखा है।  

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिकी कांग्रेस और सिनेट में पारित होने वाला प्रस्ताव परमाणु समझौते का उल्लंघन है। बहराम क़ासेमी ने ईरान के विरुद्ध पारित होने वाले अमेरिका के एक पक्षीय प्रस्ताव की प्रतिक्रिया में कहा कि अमेरिकी कांग्रेस और सिनेट में पारित होने वाला प्रस्ताव परमाणु समझौते और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के विरुद्ध है।

बहराम क़ासेमी ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सरकार उस देश के अंतरराष्ट्रीय समझौतों को लागू करने की ज़िम्मेदार है और अमेरिका के आंतरिक परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय समझौतों को लागू न करने या उन पर नये सिरे से विचार करने का कारण नहीं बन सकते।

ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने इसी प्रकार कहा कि ईरान अपने अंतरराष्ट्रीय समझौतों के प्रति कटिबद्ध रहा है परंतु उसने स्वयं को हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार कर रखा है।  

उन्होंने बल देकर कहा कि ईरान इस संबंध में अमेरिकी सरकार के व्यवहार पर पैनी नज़र रखे हुए है और वह परमाणु समझौते के संचालन पर नज़र रखने वाली समिति में पूर्ण रिपोर्ट पेश करेगा ताकि उचित निर्णय व कार्यवाही की जा सके।

अमेरिकी सिनेट ने गुरूवार को ईरान के विरुद्ध प्रतिबंध के कानून की अवधि में वृद्धि के पक्ष में वोट दिया जिसके विरोध में कोई वोट नहीं पड़ा जबकि उसके पक्ष में 99 मत डाले गये।

इससे पहले अमेरिकी कांग्रेस के सांसदों ने ईरान के विरुद्ध प्रतिबंधों के कानून की अवधि को और 10 वर्षों तक बढ़ाये जाने के पक्ष में मत दिया था और उसे बहुमत से पारित किया था। MM