अन्तर्राष्ट्रीय समझौते के विरुद्ध अमरीकी निर्णय, खुला हुआ अन्तर्राष्ट्रीय उल्लंघनः आयतुल्लाह ख़ातेमी
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आयतुल्लाह अहमद ख़ातेमी ने कहा है कि अमरीका के उल्लंघनों के संबन्ध में ईरान की प्रतिक्रिया बहुत ही तीव्र होगी।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec ०९, २०१६ १२:१८ Asia/Kolkata
  • अन्तर्राष्ट्रीय समझौते के विरुद्ध अमरीकी निर्णय, खुला हुआ अन्तर्राष्ट्रीय उल्लंघनः आयतुल्लाह ख़ातेमी

आयतुल्लाह अहमद ख़ातेमी ने कहा है कि अमरीका के उल्लंघनों के संबन्ध में ईरान की प्रतिक्रिया बहुत ही तीव्र होगी।

आयतुल्लाह अहमद ख़ातेमी का कहना है कि जेसीपीओए के बारे में अमरीकी उल्लंघन बताता है कि यह देश अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर समझौतों के बारे में कटिबद्ध नहीं है।

उन्होंने कहा कि अमरीकी कांग्रेस की ओर से ईरान के विरुद्ध प्रतिबंधों की समय सीमा अगले दस वर्षों तक बढ़ाए जाने का निर्णय, जेसीपीओए का खुला उल्लंघन है।  उन्होंने कहा कि इस अन्तर्राष्ट्रीय समझौते के विरुद्ध अमरीकी निर्णय, खुला हुआ अन्तर्राष्ट्रीय उल्लंघन है।

तेहरान में जुमे की नमाज़ के अपने भाषण में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को संबोधित करते हुए आयतुल्लाह अहमद ख़ातेमी ने कहा कि ज़ायोनी लाबी से प्रभावित होकर उन्होंने अगर ईरान के विरुद्ध प्रतिबंधों की समय अवधि बढ़ाने का समर्थन किया तो इतिहास के काले पन्नों में उनका नाम लिखा जाएगा।

आयतुल्लाह अहमद ख़ातेमी ने इसी प्रकार मनामा में फ़ार्स की खाड़ी की सहकारिता परिषद में दिये गए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया स्वरूप कहा कि इस्लाम और मुसलमानों के बीच मतभेद फैलाने में ब्रटेन ने अबतक यथासंभव प्रयास किये हैं।  इस बैठक में थेरेज़ा-मे ने कहा था कि फ़ार्स की खाड़ी की सहकारिता परिषद के सदस्य देशों की ईरान विरोधी नीतियों का वे समर्थन करती हैं।

उन्होंने ब्रिटेन की प्रधानमंत्री के बयान को यूरोपीय संघ के साथ लंदन के मतभेदों पर आधारित बताते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रकार की नीति के व्यवहार का जारी रहना, लंदन के लिए परिस्थितियों को अधिक जटिल बना देगा।

आयतुल्लाह अहमद ख़ातेमी ने आतंकवाद के विरुद्ध अभियान में इराक़ और सीरिया के सैनिकों की हालिया सफलताओं का उल्लेख करते हुए आशा व्यक्त की है कि यह देश बहुत ही जल्दी,आतंकवादी गुटों से मुक्ति पा लेंगे।

उन्होंने इसी प्रकार देश में होने वाले आगामी चुनावों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि ईरान में चुनाव, स्वतंत्रता की उपस्थिति का सूचक है जो देश में मौजूद इस्लामी लोकतांत्रिक व्यवस्था के उपलक्ष्य में ईरानी राष्ट्र के लिए एक उपहार स्वरूप है।