30 दिसंबर 2009 को ईरानी राष्ट्र ने रचा इतिहासः सेना
ईरान की सशस्त्र सेना ने 30 दिसंबर 2009 की महान घटना को दुश्मनों के मुक़ाबले में ईरानी राष्ट्र की प्रतिष्ठा, स्वाधीनता और तत्वदर्शिता का प्रतीक बताया है।
ईरान की सशस्त्र सेना ने 9 दैय बराबर 30 दिसंबर 2009 की एेतिहासिक घटना के अवसर पर मंगलवार को एक बयान जारी किया। इस बयान में कहा गया है कि इस दिन महान ईरानी राष्ट्र, इस्लामी सिद्धांतों और इस्लामी क्रांति के लक्ष्यों की रक्षा के लिए दुश्मनों के सामने जान हथेली पर लेकर डट गया।
ईरान की सेना ने 9 दैय की घटना को इस्लामी व्यवस्था की वैचारिक व व्यक्तित्व के विकास का उत्सव बताया। सेना के अनुसार ईरानी राष्ट्र ने हमेशा से हर मंच पर उपस्थित रहकर महान कारनामे अंजामा दिया और दुश्मनों को निराश व हताश किया है।
सेना के बयान में आया है कि 9 दैय की महान घटना, क्रांति के इतिहास में नया मोड़ और ईरानी राष्ट्र के गौरवों में एक स्वर्णिम अध्याय है।
ज्ञात रहे कि 9 दैय 1388 बराबर 30 दिसंबर 2009 को ईरान में कुछ धोखा खाए लोगों ने राष्ट्रपति चुनाव में धांधली को बहाना बनाकर देश के कुछ भाग को अशांत कर दिया था जिसके बाद जनता ने एकजुट होकर दुश्मनों के समस्त षड्यंत्रों को विफल बनाने के लिए व्यापाक रैलियां निकालीं।
ईरान में राष्ट्रपति पद के दसवे चुनावों के बाद देश में उत्पन्न अशांति में ब्रिटेन और अमरीका सहित कुछ देशों की भूमिका पूरी तरह स्पष्ट है। (AK)