क्षेत्र में स्थायित्व ज़रूरी, ईरान व तुर्की के राष्ट्रपति
ईरान और तुर्की के राष्ट्रपतियों ने क्षेत्र में शांति व स्थिरता के लिए ईरान तुर्की और रूस के मध्य सहयोग को ज़रूरी बताया।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने गुरुवार को दिवंगत आयतुल्लाह हाशमी रफसंजानी के निधन पर संवेदना के लिए तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोगान के टेलीफोन पर उनसे वार्ता के दौरान कहा कि आयतुल्लाह हाशमी रफसंजानी हमेशा इस्लामी देशों, पड़ोसियों और विशेषकर तुर्की के साथ ईरान के संबंधों में विस्तार पर बल देते थे।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने इसी प्रकार आतंकवादी हमलों में दसियों तुर्क नागरिकों के मारे जाने पर खेद प्रकट करते हुए आशा प्रकट की कि दोनों देश एक दूसरे के सहयोग से आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने में सफल होंगे ताकि क्षेत्र की जनता को शांतिपूर्ण जीवन जीने का अवसर मिल सके।
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए, तेहरान, अन्करा और मास्को के मध्य निकट सहयोग का स्वागत करता है।
उन्होंने सीरिया के बारे में आस्ताना में आगामी वार्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा मक़सद क्षेत्र के सभी आतंकवादी गुटों का उन्मूलन होना चाहिए और आशा है कि ईरान और तुर्की के मध्य सहयोग से जल्द ही सीरिया में शांति स्थापित हो जाएगी।
इस टेलीफोनी वार्ता में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोगान ने भी कहा कि क्षेत्रीय समस्याओं के निवारण के लिए ईरान और तुर्की के मध्य सहयोग बहुत प्रभावशाली है और अन्करा द्विपक्षीय और क्षेत्रीय वार्ता जारी रखने का पक्षधर है ।
तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान और तुर्की की क्षेत्र में बड़ी ज़िम्मेदारियां हैं और इन दोनों देशों को आतंकवादी गुटों के अंत और तनाव कम करने के लिए सहयोग में विस्तार करना चाहिए।
तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि सीरिया में लागू युद्ध विराम को मज़बूत करने के लिए सब को प्रयास करना चाहिए। (Q.A.)