हाशमी रफ़संजानी का निधन, ईरान के लिए बहुत बड़ा नुक़सानः इमामे जुमा
तेहरान की नमाज़े जुमा के इमाम ने कहा है कि स्वर्गीय आयतुल्लाह हाशेमी रफ़संजानी इस्लामी क्रांति से पहले और बाद में भी हमेशा युवाओं को इस्लामी और पवित्र क़ुरआन की शिक्षाओं से सुसज्जित करने के प्रयास में रहे।
तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने नमाज़े जुमा के भाषण में कहा कि इस्लामी क्रांति हित संरक्षक परिषद के प्रमुख आयतुल्लाह हाशेमी रफ़संजानी का निधन, इस्लामी क्रांति और इस्लामी व्यवस्था के लिए बहुत बड़ा नुक़सान है।
उन्होंने आयतुल्लाह हाशेमी रफ़संजानी के निधन पर वरिष्ठ नेता, ईरानी जनता और हाशेमी रफ़संजानी के परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि सबको और विशेषकर युवाओं को चाहिए कि वह मैदान में उपस्थित रहें ताकि इस्लामी क्रांति और इस्लामी व्यवस्था अपने गंतव्य तक जो जनता और वरिष्ठ नेता की इच्छा है, पहुंच सके।
उन्होंने आयतुल्लाह हाशेमी रफ़संजानी की अंतिम नमाज़ और शवयात्रा में लाखों लोगों की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति, ईरानी जनता की एकता का प्रतीक और इस्लामी व्यवस्था के अधिकारियों के प्रति जनता के समर्थन की घोषणा है।
आयतुल्लाह इमामी काशानी ने दाइश के क़ब्ज़े से मूसिल सिटी की स्वतंत्र के लिए इराक़ी सेना की ओर से चलाए जा रहे आप्रेशन में सेना की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि शीघ्र ही मूसिल स्वतंत्र हो जाएगा और इराक़ में शांति स्थापित हो जाएगी।