आले ख़लीफ़ा शासन अपनी वैधता खो चुका हैः काज़िम सिद्दीक़ी
हुज्जतल इस्लाम वलमुस्लेमीन काज़िम सिद्दीक़ी ने कहा है कि बहरैन के तीन निर्दोष युवाओं को मौत की सज़ा से आले ख़लीफ़ा शासन की वैधता समाप्त हो चुकी है।
तेहरान के अस्थाई इमामे जुमा हुज्जतल इस्लाम वलमुस्लेमीन काज़िम सिद्दीक़ी ने कहा कि बहरैन की जनता स्वतंत्रता की प्राप्ति के लिए प्रयासरत है जबकि वहां का तानाशाही शासन, बहरैन वासियों की वैध मांगों का दमन कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बहरैन की जेलें स्वतंत्रता प्रेमियों और धर्मगुरूओं से भरी हुई हैं। श्री काज़िम सिद्दीक़ी ने स्पष्ट किया कि ईरान की इस्लामी क्रांति से प्रेरित बहरैनवासियों के प्रतिरोध के कारण बहरैन में ख़ून की होली खेली जा रही है। उन्होंने कहा कि यही विषय आले ख़लीफ़ा शासन के पतन का कारण बनेगा।
हुज्जतल इस्लाम वलमुस्लेमीन काज़िम सिद्दीक़ी ने सीरिया के संकट के संदर्भ में क़ज़ाक़िस्तान की राजधानी में 23 और 24 जनवरी को होने वाली बैठक की ओर संकेत करते हुए आशा व्यक्त की है कि यह बैठक सीरिया में संघर्ष विराम की भूमिका प्रशस्त करेगी जिसके परिणाम स्वरूप ऊफ़ा और कफ़रिया में दाइश के परिवेष्टन का शिकार लोग स्वतंत्र हो सकेंगे।
उन्होंने इसी प्रकार इस्लामी क्रंति की वर्षगांठ के आगमन के अवसर पर कहा कि ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता वास्तव में प्रकाश का विस्फोट था जिसने पूरे विश्व को हिला कर रख दिया। उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रांति के सिद्ध कर दिया कि महाशक्तियों पर निर्भर न रहते हुए भी काम किया जा सकता है।
हुज्जतल इस्लाम वलमुस्लेमीन काज़िम सिद्दीक़ी ने इसी प्रकार राजधानी तेहरान में हुए भीषण अग्निकांड में होने वाले हताहतों और घायलों के प्रति संवेदना प्रकट की।