ट्रम्प के बारे में जल्दबाज़ी नहीं करना चाहिए, क़ासेमी
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बहराम क़ासेमी
ईरान ने कहा है कि अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के इस्लामोफ़ोबिया से संबंधित बयान की अभी समीक्षा नहीं करनी चाहिए बल्कि इसे भविष्य पर छोड़ देना चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने कहा, ट्रम्प सरकार के बारे में अभी सटीक समीक्षा नहीं हो सकती। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि अमरीका के नए राष्ट्रपति ने अन्य अंतर्राष्ट्रीय मामलों के बारे में अलग प्रकार का बयान दिया है, कहा कि अभी ट्रम्प के बारे में स्पष्ट दृष्टिकोण क़ायम नहीं कर सकते बल्कि उस समय तक इंतेज़ार करना होगा जब तक ट्रम्प सरकार के वैश्विक मामलों के संबंध में दृष्टिकोण की समीक्षा नहीं हो जाती।
बहराम क़ासेमी ने इसी प्रकार सीरिया समस्या के बारे में सोमवार से क़ज़्ज़ाक़िस्तान की राजधानी आस्ताना में आरंभ हुयी बैठक के बारे में कहा कि सीरिया में संघर्ष विराम को मज़बूत करना आस्ताना बैठक की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस बैठक की विशेषता यह है कि इसमें सीमित संख्या में देश भाग ले रहे हैं और क्षेत्र के तीन महत्वपूर्ण देश ईरान, रूस और तुर्की की पहल से यह बातचीत शुरु हुयी है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अरब संघ में बहरैन के सुझाव पर ईरान के ख़िलाफ़ एक स्थायी कमेटी के गठन के बारे में कहा कि बहरैन आंतरिक संकट से जूझ रहा है और इस विषय की ओर से जनमत के ध्यान को हटाने के लिए आले ख़लीफ़ा शासन विदेशी दुश्मन की तलाश में है।
बहराम क़ासेमी ने रोहिंग्या मुसलमानो के बारे में मलेशिया में इस्लामी सहयोग संगठन की हालिया बैठक के बारे में कहा, “ईरानी विदेश मंत्रालय रोहिंग्या मुसलमानों के संबंध में गंभीर है और इससे पहले ईरानी विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र संघ के नए महासचिव के नाम ख़त में इस विषय की ओर उनका ध्यान मोड़ा।” (MAQ/N)