जेसीपीओए को नुकसान, कूटनीति की विफलता, राष्ट्रपति रूहानी
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इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि परमाणु समझौते को किसी प्रकार से नुकसान पहुंचाना वास्तव में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीति की पराजय है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ३१, २०१७ २३:१६ Asia/Kolkata
  • जेसीपीओए को नुकसान, कूटनीति की विफलता, राष्ट्रपति रूहानी

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि परमाणु समझौते को किसी प्रकार से नुकसान पहुंचाना वास्तव में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीति की पराजय है।

राष्ट्रपति रूहानी ने मंगलवार की शाम तेहरान में फ्रांस के विदेश मंत्री  जॅान मार्क आरियो से भेंट में कहा कि जेसीपीओए का यह संदेश था कि अंतराष्ट्रीय जटिल मुद्दों को वार्ता द्वारा सुलझाया जा सकता है और इसी लिए सभी देशों को चाहिए कि वह जेसीपीओए की रक्षा की कोशिश करें कयोंकि इस समझौते को पहुंचने वाला हर प्रकार का नुक़सान विश्व वासियों को यह घातक संदेश दे सकता है कि कूटनीति समस्याओं का निवारण नहीं कर सकती। 

 

राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि ईरान ने जैसाकि परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी ने भी पुष्टि की है, जेसीपीओए के अपने वचनों का पालन किया है और इस समझौते के सभी पक्षों को भी चाहिए कि वह बिना किसी कमी और विलंब के अपने-अपने वचनों का पालन करें। 

 

राष्ट्रपति रूहानी  ने फ्रांस के विदेशमंत्री से भंट में इसी प्रकार विश्व और क्षेत्र में आतंकवाद के अभिशाप का उल्लेख किया और कहा कि ईरान आतंकवाद की बलि के रूप में इस अभिशाप के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी है और फ्रांस भी आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष और क्षेत्र में स्थिरता व स्थायित्व लाने में मुख्य भूमिका निभा सकता है। 

फ्रांस के विदेशमंत्री ने भी इस भेंट में कहा कि सभी को जेसीपीओए की, एक अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युरोपीय संघ, परमाणु समझौते के संदर्भ में संयुक्त रणनीति रखता है। (Q.A.)