ईरान के ख़िलाफ़ इस्राईल व सऊदी अरब की सांठ-गांठ
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान के ख़िलाफ़ सऊदी अरब व इस्राईल की समान नीति, संयोग नहीं है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb २०, २०१७ ०६:२२ Asia/Kolkata
  • ईरान के ख़िलाफ़ इस्राईल व सऊदी अरब की सांठ-गांठ

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान के ख़िलाफ़ सऊदी अरब व इस्राईल की समान नीति, संयोग नहीं है।

बहराम क़ासेमी ने सोमवार को इस बात का उल्लेख करते हुए कि म्यूनिख़ सुरक्षा सम्मेलन में सऊदी अरब के विदेश मंत्री और ज़ायोनी शासन के युद्ध मंत्री के ईरान विरोधी बयानों में समानता, एक संयोग नहीं है, कहा कि बुत से साक्ष्यों से इस बात की पुष्टि होती है कि ये दोनों सरकारें क्षेत्र के मामलों में एक दूसरे के समन्वय से काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों ही सरकारों का विचार है कि क्षेत्र में अपनी असंख्य पराजयों और विफलताओं की क्षतिपूर्ति के लिए, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ईरान के विरुद्ध माहौल गर्म करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन दोनों सरकारों ने जिस प्रकार एक साथ एक ही स्वर में घिसी पिटी बातें की हैं उससे पता चलता है कि वे बुरी तरह से विफल हो चुकी हैं।

 

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि सऊदी अरब के विदेश मंत्री की ओर से आतंकवाद और दाइश के समर्थकों के बारे में एक निराधार और हास्यास्पद आरोप किसी भी रूप में आले सऊद तकफ़ीरी आतंकियों से गहरे रिश्तों और निर्दोष लोगों के विरुद्ध उनके जघन्य अपराधों पर पर्दा नहीं डाल सकता। ज्ञात रहे कि  सऊदी अरब के विदेश मंत्री आदिल अल जुबैर और ज़ायोनी शासन के युद्ध मंत्री एविग्डर लिबरमैन ने रविवार को म्यूनिख़ सुरक्षा सम्मेलन में ईरान व गुट पांच धन एक के बीच होने वाले परमाणु समझौते की आलोचना करते हुए दावा किया था कि ईरान, आतंकवाद का समर्थन करता है। यह एेसी स्थिति में है कि इस्राईल और सऊदी अरब दोनों ही क्षेत्र में तकफ़ीरी चरमपंथियों के मुख्य समर्थक माने जाते हैं। (HN)