ईरान और रूस के बीच सामरिक सहयोग
इस्लामी गणतंत्र ईरान और रूस के बीच स्ट्रैटेजिक सहयोग में तेज़ी से प्रगति हो रही है।
हालिया दिनों में रूस के कई अधिकारी तेहरान पहुंचे हैं। हाल ही में रूस के प्रधानमंत्री के सलाहकार ईगोर शोवालेफ ने तेहरान की यात्रा करके द्विपक्षीय संबन्धों में विस्तार के उद्देश्य से ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंटवार्ताएं कीं। उनके बाद रूस के ऊर्जामंत्री ने तेहरान में अपने ईरानी समकक्ष बीज़न ज़ंगने से भेंटवार्ता की। इस्हाक़ जहांगीरी ने इस भेंटवार्ता में बल देकर कहा कि द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर तेहरान और मास्को के संबन्ध विशेष महत्व के स्वामी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति रूहानी निकट भविष्य में रूस की यात्रा पर जाने वाले हैं। इस्हाक़ जहांगीरी ने बताया कि राष्ट्रपति रूहानी की रूस यात्रा के दौरान कई समझौतों पर हस्ताक्षर किये जाएंगे।
बहुत से प्रमाण इस बात की पुष्टि करते हैं कि कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा के क्षेत्र में ईरान और रूस के संबन्ध विस्तृत होते जा रहे हैं। इसके साथ ही तेहरान और मास्को के संबन्ध, स्ट्रैटेजिक दृष्टि से बहुत अधिक महत्व रखते हैं। रूस के प्रधानमंत्री के सलाहकार ने तेहरान में अपनी भेंटवार्ताओं के दौरान कहा कि ईरान के साथ रूस के बढ़ते संबन्ध, विश्ववासियों को यह संदेश देते हैं कि मास्को, तेहरान को अपना विश्वसनीय सामरिक साझेदार समझता है। ईरान और रूस, क्षेत्र विशेषकर सीरिया में संयुक्त चेतावनियों के कारण परस्पर स्ट्रैटेजिक क्षेत्र में लगातार सहयोग कर रहे हैं। दोनो देशों ने व्यवहारिक रूप में यह बता दिया है कि वे द्विपक्षीय संबन्धों को पहले से अधिक सुदृढ़ करना चाहते हैं।
जानकारों के अनुसार क्षमताओं और उपलब्ध सुविधाओं के दृष्टिगत मास्को और तेहरान, सुरक्षा, केन्द्रीय एशिया, कैस्पियन सागर से संबन्धित विषयों और मध्यपूर्व के परिवर्तनों के बारे में विस्तृत सहयोग कर सकते हैं। हालांकि यह बात इस अर्थ में नहीं है कि ईरान और रूस के दृष्टिकोण समस्त क्षेत्रों में एक समान नहीं हैं।