पश्चिम ही ईरान से वार्ता के लिए आगे आयाः ज़रीफ़
विदेशमंत्री ने कहा है कि चुनावों में जनता की भारी उपस्थिति ने पश्चिम को वार्ता की मेज़ पर आने के लिए मजबूर किया।
मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने शनिवार को तेहरान में एक सम्मेलन में कहा कि चुनावों में जनता की उपस्थिति बहुत महत्व रखती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस भ्रांति में हैं कि सन 2013 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद ईरान, वार्ता की मेज़ पर आया। जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि वास्तविकता यह है कि ईरान नहीं बल्कि पश्चिम और अमरीका ने ही जब यह देखा कि प्रतिबंधों का ईरान पर कोई असर नहीं हो रहा है तो वे स्वयं ही वार्ता के लिए आगे आए।
उन्होंने कहा कि सन 2013 के राष्ट्रपति चुनावों में जनता की 73 प्रतिशत की उपस्थिति के कारण ईरानी अधिकारियों ने गुट पांच धन एक के साथ पूरी दृढ़ता के साथ ईरानी राष्ट्र के अधिकारों पर वार्ता की। विदेशमंत्री ने कहा कि ईरानी जनता 2017 के राष्ट्रपति चुनावों में भी बढ़चढकर भाग लेकर ईरान की इस्लामी लोकतांत्रिक शक्ति का प्रदर्शन करेगी।
ज्ञात रहे कि 19 मई सन 2017 को ईरान में राष्ट्रपति पद के 12वें चुनाव आयोजित होंगे।